

कैथल, 14 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग जनता का विश्वास खो चुके हैं और सीधे मुकाबले की स्थिति में नहीं हैं, वे अब अफवाहों और अराजकता के जरिए देश में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
शनिवार को हरियाणा के कैथल स्थित सौंगल गांव में बाबा मुकुट नाथ मठ के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के निर्माण के लिए देश विरोधी और धर्म विरोधी तत्वों को पहचान कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश सुरक्षित रहेगा तभी सनातन सुरक्षित रहेगा और इन दोनों को एक-दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत पीर गणेश नाथ के आठमान भंडारा और शंखाढाल कार्यक्रम में पूजा-अर्चना के बाद जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सरकारों को वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति से फुर्सत नहीं थी, जिसके कारण राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्रों की उपेक्षा हुई। योगी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न केवल अयोध्या में भव्य मंदिर बना है, बल्कि काशी, महाकाल और केदारनाथ धाम का भी कायाकल्प हुआ है।
संवैधानिक संस्थाओं पर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल अपनी हार का ठीकरा न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग पर फोड़ते हैं, जो उनकी हताशा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कड़वा-कड़वा थू और मीठा-मीठा गप की नीति अब नहीं चलेगी। वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया युद्ध और आर्थिक संकट से त्रस्त है, लेकिन भारत 145 करोड़ देशवासियों के भरोसे और किसानों के पुरुषार्थ से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। कार्यक्रम में शेरनाथ महाराज को पीर की पदवी दी गई, जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के सानिध्य में सनातन की ध्वज पताका हमेशा ऊंची रहेगी और इसे कोई भी ताकत झुका नहीं सकती। इस अवसर पर विधायक बालकनाथ, राजनाथ महाराज, हरिनाथ महाराज और अशोक गुर्जर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पहले की सरकारों को वोटबैंक व तुष्टिकरण से नहीं थी फुर्सत
सीएम योगी ने कहा कि हमारा दायित्व है कि जो लोग देशहित में कार्य कर रहे हैं, उन्हें समर्थन-सहयोग करें और जो लोग देशविरोधी-धर्मविरोधी आचरण कर रहे हैं, उन्हें नकारना, दुत्कारना और बाहर का रास्ता दिखाना है। भारत का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो, क्योंकि राम सनातन के प्रतीक और भारत के आधार स्तंभ हैं। 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांता ने रामजन्मभूमि पर मंदिर को अपवित्र करते हुए क्षतिग्रस्त कर दिया था। दिन-वर्ष बीतते गए, हिंदू संघर्ष करता गया, लेकिन कोई बात सुनने वाला नहीं था। जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनाने की पहल को नई ऊंचाइयां प्राप्त हुई। आज अयोध्या में दुनिया का सबसे भव्यतम मंदिर बनकर तैयार हो गया। आजादी के बाद अनेक सरकारें बनीं, लेकिन किसी ने आस्था के बारे में नहीं सोचा, क्योंकि उन्हें वोटबैंक और तुष्टिकरण से फुर्सत नहीं थीं। केंद्र व प्रदेश में एक जैसी सरकार बनी तो राम मंदिर का निर्माण हो गया। यूपी और देशवासियों को सुरक्षा की गारंटी मिली।
सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी
सीएम ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर, महाकाल में महालोक, उत्तराखंड में केदारपुरी और बद्रीनाथ पुरी में भव्य धाम का निर्माण, यह तब हुआ जब उसके बारे में सोचने वाली सरकारें हैं। सनातन विरोधी सरकारें आएंगी तो तुष्टिकरण करेंगी। आजादी के बाद कश्मीर व नक्सलवाद की समस्या उन्हीं लोगों ने दी, जिन्होंने तुष्टिकरण के नाम पर देश को बांटा। जब देश में जनचेतना जागरूक हुई तो जिन लोगों ने सनातन व देश के प्रति अन्याय किया था, देशवासियों ने उन्हें अविश्वास का प्रतीक बना दिया और भारतीय जनता पार्टी व मोदी जी के नेतृत्व में विश्वास जताया। जनता जिस रूप में देश को लेकर चलना चाहती थी, मोदी जी के नेतृत्व में वैसा ही काम हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे