

चित्तौड़गढ़, 15 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति हम सबको फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ का दुर्ग केवल पत्थरों से निर्मित कोई ऐतिहासिक ढांचा नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान, मर्यादा और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रहरी है। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों ने सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष किया था।
योगी आदित्यनाथ रविवार को जौहर स्मृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह देश कमजोर क्यों हुआ? क्योंकि जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया, कमजोर कर दिया। यह जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति हम सबको फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। उससे बचने के लिए आज हम सबको एक उस भाव के साथ आगे बढ़ना पड़ेगा। 'मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का?' ये महाकवि दिनकर की पंक्तियां हैं।
नेताजी बोस होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौन ऐसा भारतीय होगा, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण न करता हो? उन्होंने भी तो आह्वान किया था, 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।' यह नारा केवल बंगाल के लिए नहीं था, पूरे भारत के लिए था, पूरे भारत की आजादी के लिए था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो भारत का विभाजन नहीं होता, पापी पाकिस्तान भी नहीं होता। उनका यह आह्वान भारत की अस्मिता के लिए था, भारत की आजादी के लिए था, भारत के नौजवानों के साथ था। आप जाइए ना भारत से बाहर भी, जापान में, सिंगापुर में। भारत के अंदर पोर्ट ब्लेयर में जाइए, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के द्वारा भारत की आजादी के लिए...म्यांमार में आप जाइए। भारत की आजादी के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान का स्मारक आज भी हम सब भारतीयों का आह्वान करता है।
चित्तौड़गढ़ का दुर्ग भारत के स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का दुर्ग केवल पत्थरों से निर्मित कोई ढांचा नहीं, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान, अस्मिता और अदम्य जिजीविषा का जीवंत प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शेखावत ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि 'बटेंगे तो कटेंगे' का नारा आज की परिस्थितियों में सांस्कृतिक पुनरुद्धार के लिए सबसे बड़ी सीख है। मेवाड़ की बलिदानी धरा को नमन करते हुए शेखावत ने कहा कि यह धरती दुनिया के किसी भी तीर्थ से अधिक पवित्र है।
दुर्ग के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग की सुरक्षा और पर्यटन को लेकर महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्ग की मर्यादा और यूनेस्को की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए यहां एक अत्याधुनिक 'एक्सपीरियंस सेंटर' विकसित किया जाएगा, जहां आने वाला हर पर्यटक भारत की श्रेष्ठ परंपराओं और बलिदान के इतिहास को महसूस कर सकेगा। भक्ति की शक्ति मां मीराबाई की स्मृति में भी एक भव्य एक्सपीरियंस सेंटर बनाया जाएगा, जिसके लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। दुर्ग पर ट्रैफिक की भारी समस्या और नवरात्रि के दौरान होने वाले जाम को देखते हुए, सूरजपोल की तरफ से एक नया वैकल्पिक रास्ता बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इससे दुर्ग पर 'वन-वे' ट्रैफिक की व्यवस्था सुचारू हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल