
- जापान और दक्षिण कोरिया ट्रंप की तेल निकासी की अपील पर कर रहे विचार
तेहरान/वाशिंगटन/टोक्यो/सियोल, 15 मार्च (हि.स.)। ईरान ने युद्ध रोकने के लिए फिर कुछ शर्तें दोहराई हैं। अमेरिका ने कहा है कि ईरान समझौता तो करने को तैयार है, लेकिन उसे अपनी शर्तों से पीछे हटना होगा। इस बीच जापान और दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेल निकासी पर सहयोग की अपील पर कहा कि वह विचार कर रहे हैं।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार अरबी अखबार 'अल-अरबी अल-जदीद' ने इस संबंध में ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची से बातचीत की है। उनका कहना है कि गारंटी और मुआवजे के बिना युद्ध खत्म नहीं होगा। अराघची ने कहा कि युद्ध का अंत इस बात पर निर्भर करेगा कि यह गारंटी मिले कि हमले दोबारा नहीं होंगे और संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा दिया जाएगा।
अराघची ने कहा कि तेहरान इस क्षेत्र में लक्ष्यों पर हुए हमलों की जांच के लिए क्षेत्रीय देशों के साथ एक संयुक्त जांच समिति बनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरान के अभियान का मकसद सिर्फ इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने और हित थे। तेहरान ने पड़ोसी देशों में किसी भी नागरिक या रिहायशी इलाके को निशाना नहीं बनाया है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अरब देशों में नागरिक लक्ष्यों पर हुए हमलों के पीछे इजराइल का हाथ हो सकता है, ताकि उन देशों और ईरान के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के 'शाहिद' सिस्टम जैसा ही एक ड्रोन बनाया है, जिसका नाम 'लुकास' है। इस ड्रोन का इस्तेमाल अरब देशों में लक्ष्यों पर हमला करने के लिए किया गया है। अराघची ने चेतावनी दी कि अगर ईरान की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाया गया, तो तेहरान इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी कंपनियों की सुविधाओं पर हमला करके इसका जवाब देगा।
अमेरिका के एनबीसी न्यूज ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगभग तीस मिनट का टेलीफोनिक इंटरव्यू प्रसारित किया है। इसमें ट्रंप ने दो टूक कहा कि ईरान की इच्छा होने के बावजूद, वह उसके साथ युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि शर्तें मानने लायक नहीं हैं। इन शर्तों से ईरान को पीछे हटना होगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच वह होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने की योजना पर दूसरे देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि ईरान ने अमेरिका-इजराइल के संयुक्त अभियान के जवाब में मध्य-पूर्व के दूसरे देशों पर हमला करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि शनिवार को अमेरिकी हमलों ने खारग द्वीप के अधिकांश हिस्से को तबाह कर दिया।
दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील पर सावधानी से विचार करेगा, जिसमें उन्होंने सहयोगी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद के लिए युद्धपोत भेजने को कहा है। जापान की सत्ताधारी पार्टी के नीति प्रमुख ने कहा कि यह अपील काफी कड़ी है।
सियोल स्थित राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले वह वाशिंगटन के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। टोक्यो में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नीति प्रमुख ताकायुकी कोबायाशी ने सरकारी समाचार प्रसारक से कहा कि जापान कानूनी तौर पर इस कदम से इनकार नहीं करता, लेकिन मौजूदा संघर्ष को देखते हुए इस संबंध में कोई भी फैसला बेहद सावधानी से लेना होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद