पश्चिम एशिया संकट: भारत का ईंधन आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और प्रवासियों के लिए 'व्यापक रणनीति' जारी

युगवार्ता    15-Mar-2026
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प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 15 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति लागू की है। पेट्रोलियम मंत्रालय से लेकर विदेश मंत्रालय तक सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। भारत पेट्रोल और डीजल उत्पादन में आत्मनिर्भर है इसलिए इनके आयात की आवश्यकता नहीं है। सभी तेल शोधन कारखाने पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।

एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एलपीजी नियंत्रण आदेश में संशोधन किया गया है। अब पीएनजी सुविधा वाले उपभोक्ताओं के लिए अपने घरेलू एलपीजी कनेक्शन वापस जमा करना अनिवार्य होगा।

समान वितरण के लिए शहरी क्षेत्रों में गैस बुकिंग का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन निर्धारित किया गया है।

एलपीजी बुकिंग में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग 84 प्रतिशत से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया है। सरकार ने रविवार को भी वितरण केंद्र खुले रखने के निर्देश दिए हैं।

22 राज्यों में कंट्रोल रूम ईंधन की जमाखोरी रोकने के लिए राज्य सरकारें सख्त रुख अपना रही हैं। आंध्र प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में अवैध जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। स्थिति पर नजर रखने के लिए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। दबाव कम करने के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है।

समुद्री व्यापार मार्ग पर बढ़ते खतरे को देखते हुए बंदरगाहों को सतर्क कर दिया गया है। फुजैराह टर्मिनल की घटना के बाद भारतीय पोत 'जग लाडकी' सुरक्षित रूप से भारत के लिए रवाना हो गया है। देश भर के प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल के संचालन की 24x7 निगरानी कर रहे हैं। प्रवासी भारतीयों की सहायता और एयर कनेक्टिविटी

पश्चिम एशिया में भारतीय मिशन नागरिकों की सहायता के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। भारतीय दूतावासों ने 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। सऊदी अरब, ओमान और फुजैराह से उड़ानें संचालित हो रही हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है जबकि बहरीन, कुवैत और इराक के यात्रियों को सऊदी अरब के रास्ते लाने की व्यवस्था की जा रही है।

संघर्ष में अब तक 5 भारतीय नागरिकों की जान जाने की पुष्टि हुई है जबकि एक नागरिक अभी भी लापता है। दूतावास पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

नागरिक घबराकर ईंधन की खरीदारी न करें। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह स्थिर है और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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