अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट को खारिज कर भारत ने भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

16 Mar 2026 20:35:53
MEA Spokesperson Randhir Jaiswal


नई दिल्ली, 16 मार्च (हि.स.)। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) की ताज़ा रिपोर्ट को खारिज किया है। मंत्रालय ने इसे ‘मनगढ़ंत’ और ‘पक्षपातपूर्ण चित्रण’ बताया और कहा कि भारत की चुनिंदा आलोचना पर अड़े रहने के बजाय आयोग को चाहिए वे अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता और उन्हें डराने-धमकाने की घटनाओं पर विचार करे।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में जारी एक बयान में कहा कि पिछले कई सालों से यूएससीआईआरएफ भारत की एक विकृत और चुनिंदा तस्वीर पेश करता रहा है। यह निष्पक्ष तथ्यों के बजाय ‘संदिग्ध स्रोतों और वैचारिक कहानियों’ पर निर्भर रहता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बार-बार किए जाने वाले गलत चित्रण से खुद आयोग की विश्वसनीयता ही कम होती है।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारत की चुनिंदा आलोचना पर अड़े रहने के बजाय, यूएससीआईआरएफ के लिए यह बेहतर होगा कि वह अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर तोड़-फोड़ और हमलों की परेशान करने वाली घटनाओं, भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने और अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता और उन्हें डराने-धमकाने की घटनाओं पर विचार करे। ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है।

उल्लेखनीय है कि यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) ने अपनी वर्ष 2026 की रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) और खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) पर बैन तक लगाने की मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ‘व्यवस्थित, निरंतर और गंभीर धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघनों में संलग्न है और उन्हें सहन कर रहा है।’

दूसरी ओर बांग्लादेश में लगातार हिन्दूओं पर हो रहे अत्याचारों पर रिपोर्ट में कुछ नहीं कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

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