ट्रंप बोले- ईरान में 7000 से अधिक ठिकानों पर किया हमला, होर्मुज में 30 से ज्यादा माइन बिछाने वाले जहाज नष्ट

16 Mar 2026 23:29:53

वाशिंगटन, 16 मार्च (हि.स.)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के तहत अब तक 7,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ईरानी शासन से पैदा होने वाले खतरे को खत्म करने के लिए अमेरिका पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रहा है।

ट्रम्प के अनुसार हाल के दिनों में किए गए हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे को कमजोर करना रहा है। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के बाद ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च क्षमता में करीब 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में लगभग 95 प्रतिशत की कमी आई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि हमलों में मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों को भी निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि केवल सोमवार को ही ऐसे तीन महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला किया गया। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि पिछले ढाई सप्ताह में ईरान के 100 से अधिक नौसैनिक जहाज डुबो दिए गए या नष्ट कर दिए गए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर बोलते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान की उस क्षमता को कमजोर कर रहा है जिससे वह वैश्विक समुद्री व्यापार को बाधित कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के 30 से अधिक ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया गया है जिनका इस्तेमाल समुद्र में बारूदी सुरंगें (माइन) बिछाने के लिए किया जाता था।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को अभी तक यह निश्चित जानकारी नहीं है कि ईरान ने वास्तव में होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाई हैं या नहीं। ट्रम्प के अनुसार अमेरिकी बलों ने उन सभी जहाजों को निशाना बनाया है जिनका उपयोग इस तरह की गतिविधियों में किया जा सकता था।

ट्रम्प ने अन्य देशों से भी अपील की कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी को फिर से सामान्य बनाने के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कुछ देश इस पहल में शामिल होने को लेकर उत्साहित हैं, जबकि कुछ देशों की प्रतिक्रिया उतनी सकारात्मक नहीं रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस गुजरती है। ईरान द्वारा ड्रोन, मिसाइल और समुद्री खानों के इस्तेमाल की आशंका के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं।

अमेरिका और उसके सहयोगियों के हालिया हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। कई देशों ने इस संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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