कतर ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले रोकने की अपील की

16 Mar 2026 19:24:53
ईरान-कतर (फाइल फाेटाे)


इस्तांबुल, 16 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में पिछले 17 दिनों से जारी युद्ध के बीच कतर ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि खाड़ी देश मौजूदा संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं और संकट का समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत से ही संभव है।

तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडाेलू के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच कतर ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोकने की अपील की है। कतर ने कहा है कि तेहरान “बिना किसी वजह के” पड़ोसी देशों को निशाना बना रहा है।

दोहा में सोमवार को पत्रकार वार्ता में कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि ईरान को हमले रोकने चाहिए ताकि मौजूदा संकट का कूटनीतिक समाधान निकाला जा सके। ईरान बिना किसी वजह के खाड़ी देशों पर हमले कर रहा है और उसे तुरंत अपने हमले रोकने चाहिए, क्योंकि खाड़ी देश इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं।

कतर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि हमले रोकने का फैसला ईरान को लेना होगा और कतर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि तनाव कम करने और ईरान के हमलों का सामना करने के लिए खाड़ी देशों के बीच बातचीत जारी है।

माजेद अल-अंसारीने कहा कि कतर में जरूरी सामान का रणनीतिक भंडार मौजूद है, लेकिन अभी तक उसका इस्तेमाल नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समुद्री मार्गों और उनकी स्वतंत्र आवाजाही को कोई भी खतरा पूरे क्षेत्र और वैश्विक व्यापार के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

क्षेत्र में तनाव तब से बढ़ा हुआ है जब 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में करीब 1,300 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल हैं।

इन हमलों के जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें इज़राइल के अलावा जार्डन, ईराक और खाड़ी देशों के कुछ ठिकानों को निशाना बनाया गया। तेहरान ने कहा है कि उसके हमलों का लक्ष्य अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। हालांकि, इन हमलों में कई जगह जान-माल का नुकसान हुआ है और हवाई अड्डों, बंदरगाहों तथा इमारतों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को भी क्षति पहुंची है।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

Powered By Sangraha 9.0