एचपीवी टीकाकरण अभियान में मप्र बना देश में नंबर वन

17 Mar 2026 15:49:53
मप्र में एचपीवी टीकाकरण अभियान (फाइल फोटो)


मप्र में एचपीवी टीकाकरण अभियान (फाइल फोटो)


- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी बधाई

भोपाल, 17 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश ने ह्यूमन पैपिलोमावायरस संक्रमण (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 14 वर्ष की एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश अभियान के सफल क्रियान्वयन में देश में पहले स्थान पर काबिज हो गया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में मात्र 15 दिनों में प्रदेश की एक लाख से अधिक बेटियों को वैक्सीन लगाकर मध्य प्रदेश के देश में प्रथम रहने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, एएनएम, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में बेटियों को सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा का सशक्त कवच प्रदान करने के लिए प्रारंभ अभियान के प्रदेश में सफल क्रियान्वयन में इस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

प्रदेश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेश में 14 वर्ष आयु वर्ग की एक लाख से अधिक किशोरी बालिकाओं के सफल एचपीवी टीकाकरण पर स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिला प्रशासन तथा सहयोगी संस्थाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को अजमेर, राजस्थान से इस विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ किया था। मध्य प्रदेश इस अभियान के अंतर्गत एक लाख से अधिक बालिकाओं का टीकाकरण कर देश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण वाला राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में माताओं‑बहनों का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लगभग 4,000 रुपये मूल्य का यह टीका 14 प्लस आयु वर्ग की बेटियों को निःशुल्क लगाया जा रहा है और एक डोज़ भविष्य में गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के ख़तरे से आजीवन सुरक्षा देने में सहायक होगा।

उन्होंने बताया कि मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जिलों का इस उपलब्धि में विशेष योगदान रहा है। प्रदेश में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टरों की अध्यक्षता में समन्वय स्थापित किया गया और स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत विभाग सहित विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों का महत्वपूर्ण सहयोग मिला।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की करीब आठ लाख बालिकाओं को एचपीवी टीका दिया जाए। इसके लिए चरणबद्ध योजना बनाई गई है. पहले अधिक भीड़भाड़ वाले शहरी ब्लॉक्स, फिर दूरस्थ और आदिवासी अंचल. मोबाइल टीमें, स्कूल‑आधारित सत्र, और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर वॉक‑इन स्लॉट तीनों मॉडल समानांतर चल रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष आयु की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और शेष पात्र बालिकाओं का टीकाकरण भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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