काबुल अस्पताल पर हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध रोकने की अपील की

17 Mar 2026 21:35:53

जिनेवा, 17 मार्च (हि.स.)। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से तुरंत संघर्ष रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र पर हुए भीषण हमले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार काबुल के पुल-ए-चरखी इलाके में स्थित 2000 बेड वाले ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट अस्पताल पर सोमवार रात हुए हमले में भारी जनहानि हुई है। अफगान अधिकारियों का दावा है कि पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 250 लोग घायल हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि काबुल के नशा मुक्ति केंद्र में हुआ यह विस्फोट बेहद दुखद है और इसकी तुरंत, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए तथा जांच के परिणाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। साथ ही पीड़ितों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमले के बाद अस्पताल परिसर पूरी तरह तबाह हो गया और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सैकड़ों लोग अपने लापता परिजनों की तलाश में अस्पताल के मलबे के बीच भटकते नजर आए।

संयुक्त राष्ट्र ने यह भी याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों को विशेष सुरक्षा प्राप्त है। युद्ध के नियमों के अनुसार किसी भी हमले में अंतर, अनुपात और सावधानी के सिद्धांतों का पालन करना अनिवार्य होता है। खास तौर पर चिकित्सा संस्थानों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाती है।

इस बीच अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतिन काने ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि काबुल पर किए गए हमले का “मुंहतोड़ जवाब” दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव दल मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।

अफगानिस्तान ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा है कि ऐसे हमले बिना जवाब के नहीं छोड़े जाएंगे। पिछले एक महीने से दोनों देशों के बीच बढ़े संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत और हजारों लोगों के विस्थापित होने की खबरें भी सामने आई हैं।

-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

Powered By Sangraha 9.0