चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज, छह लाख से अधिक पंजीकरण

17 Mar 2026 15:44:53
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी पत्रकारों से  बातचीत करते हुए।


-मंदिर परिसरों में निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध

देहरादून, 17 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड की आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत बदरीनाथ-केदारनाथ मदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस साल यात्रा के लिए अब तक 6 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। अब मंदिर परिसरों में निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर नियंत्रण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है।

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मंगलवार को देहरादून में एक पत्रकार वार्ता में बताया कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हाल ही में संपन्न बैठक में धामों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाएं आदि शंकराचार्य की परंपरा और धामों की धार्मिक मर्यादा के अनुरूप तैयार की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 6 से 16 मार्च के बीच दो सप्ताह में कुल 6,17,853 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें केदारनाथ के लिए 2,06,622, बदरीनाथ के लिए 1,82,212, गंगोत्री के लिए 1,15,763 और यमुनोत्री के लिए 1,13,256 श्रद्धालु शामिल हैं। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में धामों में पुनर्निर्माण और आधारभूत सुविधाओं के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि बीकेटीसी का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है, जिसके लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। समिति ने यात्रा वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 121 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित बजट पारित किया है, जिसमें बदरीनाथ के लिए करीब 57.47 करोड़ रुपये और केदारनाथ के लिए लगभग 63.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यात्रा व्यवस्थाओं के अंतर्गत ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप स्थापित किया जाएगा। मंदिर परिसरों में निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध, रील, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर नियंत्रण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है। इसके अलावा पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, आवास, रेलिंग मरम्मत, रंग-रोगन और ऑनलाइन पूजा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यात्रा का शुभारंभ अप्रैल माह में होगा। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया (19 अप्रैल) को खुलेंगे।बीकेटीसी अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण की जाएं, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर समिति के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

यात्रा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए 15 अप्रैल तक ऋषिकेश में मंदिर समिति का कार्यालय खोला जाएगा, जहां से यात्रियों को आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रा संचालन के लिए नियमावली के तहत व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। यात्रा से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा और पर्याप्त संख्या में समिति स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन पूजा प्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा बोर्ड स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है। मंदिर परिसरों में अनुशासन बनाए रखने के लिए यूट्यूबर और ब्लॉगरों सहित सभी के लिए दर्शन के बाद 60 मीटर की परिधि तक विशेष एसओपी लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा के लिए भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्लॉक रूम की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर समिति की सेवा नियमावली के अनुसार रावल की नियुक्ति घोषित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न पूजा सेवाओं एवं शुल्कों में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव है। मंदिर समिति की वेबसाइट को उन्नत किया जाएगा, गेस्ट हाउसों की जांच कराई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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