
नई दिल्ली, 18 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने देश में भारतीय कपास निगम (सीसीआई) को 2023-24 सीजन के लिए 1,718.56 करोड़ रुपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की फंडिंग को मंजूरी दी है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यहां केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि एमएसपी संचालन किसानों को आश्वस्त करता है कि बाजार भाव गिरने पर भी उन्हें उचित मूल्य मिलेगा। इससे किसानों को कपास की खेती जारी रखने की प्रेरणा मिलती है और भारत को गुणवत्तापूर्ण कपास उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलती है।
कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है। यह लगभग 60 लाख किसानों की आजीविका का आधार है और करीब 400–500 लाख लोगों को प्रसंस्करण, व्यापार और वस्त्र उद्योग जैसी सहायक गतिविधियों में रोजगार देता है। वर्ष 2023-24 सीजन में कपास की खेती का क्षेत्रफल 114.47 लाख हेक्टेयर आंका गया था, जबकि उत्पादन 325.22 लाख गांठों का अनुमान है, जो वैश्विक कपास उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत है।
सीसीआई को एमएसपी संचालन के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। यह किसानों से औसत गुणवत्ता वाली कपास बिना किसी सीमा के खरीदता है, जब भी बाजार भाव एमएसपी से नीचे जाते हैं। इसके लिए सीसीआई ने सभी 11 प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में मजबूत नेटवर्क बनाया है। वर्तमान में 152 जिलों में फैले 508 खरीद केंद्र किसानों को सहज और सुलभ खरीद सुविधा देते हैं।
तकनीक आधारित कई पहल भी की गई हैं। इनमें एमएसपी से जुड़ी जानकारी का प्रसार, बेल आइडेंटिफिकेशन एंड ट्रेसबिलिटी सिस्टम (बीआईटीएस) और किसानों के लिए “कॉट-एली” मोबाइल ऐप शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर