ईरान की चेतावनी- दुश्मन के ‘सुरक्षित’ ठिकाने भी होंगे निशाने पर, खाड़ी के ऊर्जा केंद्रों पर खतरा

18 Mar 2026 21:16:53

तेहरान, 18 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए बड़े जवाब की चेतावनी दी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अब ऐसे दुश्मन ठिकानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिन्हें अब तक सुरक्षित माना जाता रहा है।

ईरान के अनुसार दक्षिणी शहर असालुयेह और दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में शामिल साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़ी गैस सुविधाओं पर हाल ही में हमले किए गए। ईरानी अधिकारियों ने इन हमलों को “युद्ध अपराध” करार देते हुए कहा है कि इस कार्रवाई का जवाब जरूर दिया जाएगा।

ईरानी मीडिया रिपोर्टों में इन हमलों के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया गया है, हालांकि दोनों देशों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

इस बीच ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने खाड़ी क्षेत्र में संभावित हमलों की चेतावनी जारी की है। आईआरजीसी ने कहा है कि आने वाले घंटों में क्षेत्र के प्रमुख ऊर्जा ठिकाने निशाने पर हो सकते हैं। इसके साथ ही लोगों को सऊदी अरब, यूएई और कतर में स्थित बड़े तेल और गैस प्रतिष्ठानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

इससे पहले खबरें आई थीं कि इजराइली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ईरान के बुशेहर प्रांत में गैस से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले किए। यह हमला दक्षिण पार्स गैस फील्ड से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी गैस से संबंधित इकाइयों पर हमले की पुष्टि की है, हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह पहली बार है जब मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरान के ऊर्जा ढांचे को सीधे निशाना बनाया गया है। इससे न केवल ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

इससे पहले बुशेहर क्षेत्र में परमाणु संयंत्र के पास भी हमलों की खबरें सामने आई थीं, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को लेकर चिंता एवं बढ़ गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज हुए तो इससे पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है तथा वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है।

-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

Powered By Sangraha 9.0