बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास ईरानी ड्रोन हमलों से दहशत

18 Mar 2026 18:41:53
सांकेतिक


इरबिल (इराक), 18 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में करीब तीन हफ्ताें से अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है। ईरान द्वारा इराक के इरबिल और बगदाद में अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन और रॉकेट हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। इरबिल में जहां आत्मघाती ड्रोन हमले को एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम किया, वहीं बगदाद में हुए हमले में दूतावास परिसर को नुकसान पहुंचा और आग लग गई।

तुर्किये की समाचार एजेंसी अनादोलू और अन्य मीडिया रिपाेर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, जहां इरबिल और बगदाद में अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाकर किए गए ताजा हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। मंगलवार देर रात उत्तरी इराक के इरबिल शहर में अमेरिकी दूतावास और सेरबेस्ती इलाके के पास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यह हमला आत्मघाती ड्रोन के जरिए किया गया था, जिसे समय रहते एयर डिफेंस सिस्टम ने सक्रिय होकर नाकाम कर दिया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जिससे किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया। हालांकि इस घटना पर कुर्दिश क्षेत्रीय सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इरबिल में हमले की यह पहली घटना नहीं है। जब से अमेरिका, इजराइल के खिलाफ ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की है तब से इस इलाके में लगभग रोजाना धमाकों की खबरें सामने आ रही हैं। एयर डिफेंस सिस्टम को बार-बार सक्रिय करना पड़ रहा है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि क्षेत्र में खतरा लगातार बना हुआ है।

वहीं, मंगलवार शाम को बगदाद में भी अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया गया। ड्रोन और रॉकेटों के जरिए किए गए इस हमले ने राजधानी में दहशत फैला दी। दूतावास की सुरक्षा में तैनात हवाई रक्षा प्रणालियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन एक ड्रोन दूतावास परिसर की बाहरी दीवार से टकरा गया, जिससे आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने आसमान में कई धमाके होते देखे और इसके बाद दूतावास परिसर से आग की लपटें उठती नजर आईं।

स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि इस हमले में विस्फोटकों से भरे तीन ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, जिनमें से दो को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया, जबकि तीसरे ने आंशिक नुकसान पहुंचाया। एक सुरक्षा अधिकारी ने पुष्टि की कि इस हमले में ड्रोन के साथ-साथ रॉकेटों का भी इस्तेमाल किया गया था। हालांकि इराकी अधिकारियों की ओर से इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

इस हमले की जिम्मेदारी ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ’ नामक संगठन ने ली है। इस समूह ने दावा किया है कि उसने एक ही दिन में इराक और आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों पर 21 रॉकेट और ड्रोन हमले किए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब क्षेत्र में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच संघर्ष अपने चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए संयुक्त हमलों में अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई के मारे जाने की भी खबर है, जिसने हालात को और गंभीर बना दिया है। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल के साथ-साथ जॉर्डन, इराक और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

इस बढ़ते संघर्ष का असर अब वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। लगातार हो रहे हमलों से जहां जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहीं बुनियादी ढांचे को भी भारी क्षति पहुंच रही है। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिसके गंभीर परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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