
नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स)। भारत और मलावी के बीच नई दिल्ली में 'भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026' के दौरान एक द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में भारत सरकार के विद्युत मंत्री मनोहर लाल और मलावी सरकार के ऊर्जा और खनन मंत्री डॉ. जीन मथांगा शामिल हुए।
विद्युत मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि दोनों मंत्रियों ने भारत और मलावी के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण संबंधों की पुष्टि की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक विकास साझेदारी के हिस्से के रूप में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करने के महत्व को स्वीकार किया गया।
मंत्रालय के मुताबिक दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने ऊर्जा क्षेत्रों में हो रहे विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया और नवीकरणीय ऊर्जा विकास, बिजली की पहुंच, बिजली क्षेत्र की योजना और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने मलावी की 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन' में सदस्यता का भी उल्लेख किया। इस गठबंधन की शुरुआत भारत और फ्रांस ने 2015 में वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा के विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी।
विद्युत मंत्रालय ने कहा कि दोनों मंत्रियों ने ऊर्जा क्षेत्र में आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने में अपनी साझा रुचि व्यक्त की और उचित संस्थागत तथा तकनीकी आदान-प्रदान के माध्यम से निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। यह बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुई, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने आज कहा कि इस साल गर्मियों में बिजली की मांग अगर 270 गीगावाट तक भी पहुंच जाती है, तो भारत उसे पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 'भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026' को संबोधित करते हुए मंत्री ने भरोसा दिलाया कि मई और जून के महीनों में बिजली की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर