एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन के इस्तीफे पर कोई चिंता की बात नहीं: आरबीआई

19 Mar 2026 18:13:53
आरबीआई के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 19 मार्च (हि.स)। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने गुरुवार को कहा कि एचडीएफसी बैंक के आचरण या शासन के संबंध में कोई बड़ी चिंता करने की बात नहीं है। आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए इस्तीफा देने के बाद जारी एक बयान में यह बात कही।

आरबीआई ने कहा, ‘‘एचडीएफसी बैंक एक घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक (डी-एसआईबी) है, जिसके पास मजबूत वित्तीय स्थिति, पेशेवर तरीके से संचालित बोर्ड और सक्षम प्रबंधन दल है। हमारे समय-समय पर किए गए आकलन के आधार पर, इसके आचरण या शासन के संबंध में कोई बड़ी चिंता नहीं है। बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है और उसकी वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। साथ ही पर्याप्त नकदी भी मौजूद है।’’

रिजर्व बैंक का यह बयान देश के दूसरे सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के 18 मार्च से अचानक इस्तीफे देने के बाद आया है। उन्होंने नैतिक चिंताओं का हवाला दिया था। यह पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा है जिससे इसके कामकाज को लेकर चिंताएं उठी हैं।

इस बीच आरबीआई ने बैंक के अनुरोध पर उसके अंशकालिक चेयरमैन के पद को लेकर एक अंतरिम व्यवस्था को मंजूरी दी है। एचडीएफसी बैंक के आवेदन पर रिजर्व बैंक ने 18 मार्च को केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त करने की अपनी मंजूरी दे दी है। आरबीआई आगे की कार्रवाई को लेकर निदेशक मंडल और प्रबंधन के साथ जुड़ा रहेगा।

ये पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी अंशकालिक चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में पद छोड़ा है। इससे बैंक के कामकाज को लेकर सवाल उठे हैं। उनका कार्यकाल चार मई 2027 को समाप्त हो रहा था। चक्रवर्ती को आर्थिक मामलों के सचिव के रूप में सेवानिवृत्ति के करीब एक वर्ष बाद पांच मई 2021 से अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त किया गया था।

उल्लेखनीय है कि एचडीएफसी लिमिटेड का एचडीएफसी बैंक में विलय एक जुलाई 2023 से प्रभावी हुआ जिससे 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त बही-खाते वाली एक विशाल वित्तीय इकाई का निर्माण हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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