
वाशिंगटन/तेहरान, 02 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि दो दिनों के भीतर ईरान में 1,000 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इसी बीच इजरायल और लेबनान के उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह के बीच रॉकेट और ड्रोन से वार-पलटवार शुरू हो गया है। ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है। वाशिंगटन पाेस्ट की रिपोर्ट के अुनसार सेंटकॉम ने रविवार को कहा कि दो दिनों के सैन्य अभियान में ईरान के भीतर 1,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए गए। इन लक्ष्यों में जहाज़, पनडुब्बियां, मिसाइल साइट, कम्युनिकेशन लिंक और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच शनिवार से शुरू हुए संघर्ष के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में हालात और बिगड़ गए। सोमवार सुबह स्थानीय समयानुसार हिज़्बुल्लाह ने खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए इज़राइल पर रॉकेट और ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली।
इसके जवाब में इज़राइल ने दक्षिणी बेरूत और लेबनान के अन्य इलाकों में हवाई हमले किए। इज़राइल डिफेंस फोर्सेज़ ने कहा कि उसने ईरान-समर्थित उग्रवादी समूह के सदस्यों को निशाना बनाया। दक्षिणी बेरूत में कम से कम आठ धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग प्रभावित इलाकों से पलायन कर रहे हैं।
इजराइल ने देश के दक्षिण और पूर्व में लगभग 50 शहरों को खाली करने की अपील की है, जो पिछले संघर्षों के दौरान जारी निर्देशों की पुनरावृत्ति है।
इज़राइल ने रविवार को कहा कि उसने ईरान पर हमलों की एक और लहर शुरू की है, जबकि तेहरान ने इज़राइल और पूरे फारस की खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक हमारे सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। हालांकि उन्होंने इन लक्ष्यों का विवरण नहीं दिया। लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी हमलों के बीच पूरे पश्चिम ऐशिया में बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका गहराती जा रही है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी