
काठमांडू, 21 मार्च (हि.स.)। नेपाल के कपिलवस्तु जिले के महाराजगंज इलाके में शनिवार को ईद के मौके पर एक समुदाय विशेष के कुछ लोगों द्वारा स्थानीय मंदिर परिसर में पथराव किए जाने के बाद शुरू हुए विवाद के बाद प्रभावित क्षेत्रों में अगले आदेश तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है। इलाके में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
स्थानीय लोगों बताया कि शनिवार सुबह काली मंदिर में भजन गाने के दौरान तोड़फोड़ की घटना को लेकर दो समुदायों के युवाओं के बीच तनाव पैदा हुआ। संभावित झड़प को रोकने के लिए जिला प्रशासन कार्यालय कपिलवस्तु ने आज दोपहर 2 बजे से अगले आदेश तक किसी भी प्रकार के सभा, जुलूस और जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया है।
कपिलवस्तु जिले के पुलिस उपाधीक्षक रीपंद्र सिंह ने बताया कि चैत्र नवरात्र पर श्रद्धालु मंदिरों में पूजा कर रहे थे, वहीं ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय मस्जिदों में नमाज अदा कर रहा था। इसी दौरान दोनों पक्षों की ओर से माइक की तेज आवाज को लेकर विवाद बढ़ा और झड़प की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने के साथ ही मुस्लिम समुदाय की तरफ से मंदिर क्षेत्र में पत्थरबाजी की गई। इसके बाद आक्रोशित हिंदुओं ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया और कुछ राउंड आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
कपिलवस्तु के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी भावेश्वर घिमिरे ने बताया कि इस घटना में सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों सहित कुल 8 लोग घायल हुए हैं। घायलों में नेपाल पुलिस के 3, सशस्त्र पुलिस के 2 और 3 प्रदर्शनकारी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने तौलिहवा–बहादुरगंज सड़क खंड के अंतर्गत गैंडहवा क्षेत्र में टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
घिमिरे ने एक आदेश जारी करते हुए दोपहर 2 बजे से अगले आदेश तक महाराजगंज नगरपालिका के पूर्व में बडगढ़ी पुल, पश्चिम में बहादुरगंज चौक, उत्तर में महाराजगंज बाजार और दक्षिण में हदौना क्षेत्र तक सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास