पटना में 'बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव-2026' का आयोजन, ओलंपिक-2036 के इवेंट कराने की उठी मांग

22 Mar 2026 19:34:53
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे सम्बोधन के दौरान


पटना, 22 मार्च (हि.स.)। बिहार की राजधानी पटना में आयोजित बिहार स्पोर्ट्स कॉनक्लेव 2026 में खेल विकास को लेकर बड़े विजन की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की उपस्थिति रही। इस दौरान बिहार को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।

केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने अपने संबोधन में बिहार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार प्रतिभाओं की धरती है, जहां खेलों के प्रति स्वाभाविक उत्साह मौजूद है। उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि बच्चों को शुरुआती स्तर से ही खेलों की ओर प्रोत्साहित किया जाए और उन्हें खेल विज्ञान (स्पोर्ट्स साइंस) से जोड़ा जाए, ताकि वे पेशेवर स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में खेलों को गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में खेल मैदान और छोटे स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। इस मॉडल को केंद्र सरकार ने भी अपनाया है, जिससे देशभर में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रक्षा खडसे ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के सहयोग से खेलों के समग्र विकास पर काम कर रही है। खेलो इंडिया मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से देश में मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े खेल आयोजनों से न केवल खिलाड़ियों को मंच मिलता है, बल्कि स्पोर्ट्स टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा होता है।

बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्वागत भाषण के दौरान राज्य में खेलों के विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से काम हुआ है। कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम भी तैयार किए गए हैं।

श्रेयसी सिंह ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि यदि भारत को ओलंपिक खेल 2036 की मेजबानी मिलती है, तो बिहार में भी एक या दो खेलों का आयोजन कराया जाना चाहिए। इसके अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ इवेंट भी राज्य में आयोजित किए जाने चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बिहार में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन होते हैं, तो इससे राज्य में स्पोर्ट्स टूरिज्म को नई दिशा मिलेगी। होटल, परिवहन, रोजगार और स्थानीय व्यवसायों को भी इसका सीधा लाभ होगा। साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलेगा।--------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

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