जीएसपी क्रॉप साइंसेज की स्टॉक मार्केट में मजबूत शुुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक

युगवार्ता    24-Mar-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। एग्रोकेमिकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनी जीएसपी क्रॉप साइंस के शेयर आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करने में सफल रहे। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 320 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी एंट्री 332.30 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 328 रुपये के स्तर हुई। इस तरह कंपनी के शेयर करीब तीन प्रतिशत का लिस्टिंग गेन पाने में सफल रहे।

लिस्टिंग के बाद से ही इस शेयर के भाव में लगातार उतार चढ़ाव हो रहा है। खरीदारी के सपोर्ट से ये 362.30 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, वहीं बिकवाली का दबाव बनने पर ये 327.35 रुपये के स्तर तक गिर भी गया। दोपहर 11:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर बीएसई पर 329.50 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 329.60 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह से अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 2.90 प्रतिशत से अधिक का फायदा हो चुका है।

जीएसपी क्रॉप साइंस का 400 करोड़ रुपये का आईपीओ 16 से 18 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.64 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 2.66 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 3.14 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.42 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.25 करोड़ शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 240 करोड़ रुपये के 75 लाख नए शेयर और 160 करोड़ रुपये के 50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की ब्रिकी के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 17.57 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 55.54 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 81.42 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 81.07 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,206.05 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घटकर 1,158.23 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,301.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 847.61 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 324.26 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में कम होकर 235.44 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 296.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 321.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 336 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़कर 344.46 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 411.02 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 490.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 81.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़कर 130.41 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 164.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 138.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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