संसद में उठी जीआई टैग प्राप्त मुरुक्कु नमकीन के उद्योग को बढावा देने की मांग

24 Mar 2026 21:30:53
द्रमुक सांसद राजाथी सलमा


नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के मनप्परई क्षेत्र में प्रसिद्ध “मनप्परई मुरुक्कु” उद्योग को बढ़ावा देने की मांग तेज हो गई है। पारंपरिक स्वाद और खास गुणवत्ता के लिए पहचाने जाने वाले इस मुरुक्कु को वर्ष 2023 में भौगोलिक संकेत(जीआई) टैग भी प्राप्त हुआ था। इसकी खासियत इसके पारंपरिक तरीके से बनाने की विधि मानी जाती है, जिसकी वजह से यह न केवल तमिलनाडु बल्कि देश-विदेश में भी लोकप्रिय है।

मंगलवार को राज्यसभा में शून्य काल के दौरान द्रमुक सांसद राजाथी सलमा ने मुरुक्कु उद्योग के हालात पर सदन का ध्यान आकर्षिक किया। उन्होंने कहा कि इस उद्योग को

पहचान मिलने के बावजूद इससे जुड़े हजारों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उद्योग में साझा उत्पादन केंद्रों का अभाव, आधुनिक तकनीक की कमी, मानकीकरण की दिक्कतें और संगठित विपणन व्यवस्था न होने के कारण कारीगरों की आय पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि मनप्परई में “मुरुक्कु प्रोडक्शन कोऑपरेटिव क्लस्टर” स्थापित किया जाना चाहिए। इसे पारंपरिक उद्योगों के पुनर्जीवन के लिए चलाई जा रही स्फूर्ती योजना के तहत विकसित किया जाए। इस क्लस्टर में एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक लेकिन पारंपरिक शैली को बनाए रखने वाली उत्पादन तकनीक और निर्यात स्तर की पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल पारंपरिक खाद्य विरासत को संरक्षण मिलेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों को बेहतर बाजार और आय के अवसर भी मिलेंगे, जिससे यह उद्योग वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना सकेगा।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने मंगलवार को संसद में भ्रामक ब्रांडिंग और झूठे विज्ञापनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने खास तौर पर पैकेज्ड फलों के पेयों को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है।

राज्यसभा में सांसद राघव ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, यह समझकर इन पेयों का सेवन करते हैं कि वे स्वास्थ्यवर्धक और पौष्टिक हैं, जबकि हकीकत में इनमें से कई उत्पाद “शुगर सिरप” होते हैं, जिन्हें फलों के जूस के रूप में पेश किया जाता है।

इस तरह के भ्रामक विज्ञापन और ब्रांडिंग उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं। इससे मधुमेह (डायबिटीज) और मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

Powered By Sangraha 9.0