औद्योगिक कचरे से सड़क निर्माण को लेकर होगा अनुसंधान, सीएसआईआर- सीआरआरआई ने किया समझौता

26 Mar 2026 19:50:53
समझौते ज्ञापन के दौरान सीएसआईआर -सीआरआरई के अधिकारी


नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। देश में टिकाऊ विकास को गति देने के लिए एक अहम पहल के तहत वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) अब औद्योगिक कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में करेगा। इस दिशा में सीएसआईआर और सीआरआरआई, इस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंडरीमेन और सुयोग एलिमेन्ट्स के बीच एक संयुक्त अनुसंधान समझौता हुआ।

नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर में गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में महानिदेशक एन कलाईसेल्वी भी मौजूद रहीं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि औद्योगिक कचरे को संसाधन में बदलना सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में बड़ा कदम है। फाउंड्री उद्योग से निकलने वाला वेस्ट सैंड पर्यावरण के लिए चुनौती बनता है, लेकिन अब इसे सड़क निर्माण में इस्तेमाल कर समाधान निकाला जाएगा।

उल्लेखनीय है कि कोयंबटूर स्थित इस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंडरीमेन देश का सबसे बड़ा फाउंड्री क्लस्टर है, जहां 800 से अधिक इकाइयां काम करती हैं और बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है। इस परियोजना का लक्ष्य इसी कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करना है।

सीएसआईआर-सीआरआरआई

के वैज्ञानिक विभिन्न प्रकार के फाउंड्री सैंड का परीक्षण कर सड़क निर्माण के लिए उपयुक्त तकनीक विकसित करेंगे। इस पहल से प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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