ईरान की धमकी- अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला किया तो वह बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर कब्जा कर लेगा 

26 Mar 2026 19:05:53
बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य  (फाइल फाेटाे)


तेहरान, 26 मार्च (हि.स.)। ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका खार्ग द्वीप पर हमला करता है, तो वह युद्ध में एक नया मोर्चा खोल देगा और बेहद अहम लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य व्यापार मार्ग को बाधित कर देगा। इसके अलावा, हूती विद्रोही समूह ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान ईरानी शासन को मदद की जरूरत पड़ी तो वे 20 मील चौड़े इस जलडमरूमध्य पर कब्ज़ा करने में मदद करेंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित हाेने से दुनिया की 20% तेल आपूर्ति पर वैश्विक असर देखा जा रहा है। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। हर साल दुनिया भर में समुद्र के रास्ते होने वाली तेल की लगभग 12% खेप इसी जलडमरूमध्य से गुज़रती है।

मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरान की सरकारी समाचार संस्था तस्नीम न्यूज एजेंसी को बताया कि अमेरिका अगर ईरान के द्वीपों या जमीन पर कहीं पर कार्रवाई करना चाहता है या फारस की खाड़ी और ओमान सागर में नौसैनिक गतिविधियों से ईरान को नुकसान पहुंचाना चाहता है, तो हम उनके लिए दूसरे मोर्चे खोल देंगे। उनकी कार्रवाई से कोई फायदा ताे नहीं हाेगा बल्कि मुश्किलें दोगुनी हो जाएंगी।

उन्हाेंने कहा कि बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को दुनिया के रणनीतिक जलडमरूमध्यों में से एक माना जाता है और ईरान के पास इसके खिलाफ पूरी तरह से विश्वसनीय खतरा पैदा करने की इच्छा और क्षमता, दोनों हैं। इसलिए, अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए कोई समाधान निकालने की सोच रहे हैं, तो उन्हें सावधान रहना चाहिए कि वे अपनी समस्याओं और मुश्किलों में एक और जलडमरूमध्य को न जोड़ लें। बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य यमन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं।

वहीं, हूती विद्रोही समूह ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के दौरान ईरानी शासन को मदद की ज़रूरत पड़ी, तो वे 20 मील चौड़े इस जलडमरूमध्य पर कब्ज़ा करने में मदद करेंगे और यह एक ऐसा कदम होगा जो लाल सागर से होने वाले यातायात में बाधा डालेगा, जहाँ हर साल एक ट्रिलियन डॉलर का सामान गुज़रता है। हूतियों ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले इजराइल से जुड़े जहाज़ों पर दो साल से भी ज़्यादा समय तक हमले किए थे।

ईरान की ये धमकियां ऐसे समय में आई हैं जब अमेरिका सेना की 82वीं इन्फैंट्री डिवीजन के 3,000 सैनिकों को मध्य-पूर्व भेजने की तैयारी में है। ये सैनिक तीन युद्धपोतों पर तैनात लगभग 2,500 मरीन सैनिकों के साथ शामिल होंगे। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने इस क्षेत्र में चाहे वह ईरान हो या खार्ग द्वीप, अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतारने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल ऐसा करने की उनकी तत्काल कोई योजना नहीं है। खार्ग द्वीप, जो ईरान के तट से लगभग 16 मील की दूरी पर स्थित है और ईरान के 90% कच्चे तेल के निर्यात को नियंत्रित करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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