राजद सांसदों ने संसद भवन परिसर में किया प्रदर्शन, बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग

27 Mar 2026 12:21:53
संसद भवन परिसर में मकर द्वार पर आरक्षण सीमा बढ़ाने और एलपीजी उपलब्धता समेत विभिन्न मांगों को लेकर मीसा भारती की अगुआई में राजद सांसदों का विरोध प्रदर्शन।


नई दिल्ली, 27 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसदों ने शुक्रवार को बिहार में आरक्षण का दायरा 65 प्रतिशत से बढ़ाकर 85 प्रतिशत करने, वर्ष 2023 के जातीय सर्वेक्षण के आधार पर जनसंख्या अनुपात के अनुसार बढ़े हुए आरक्षण कोटे को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने और एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर संसद भवन परिसर में मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

इस विरोध प्रदर्शन की अगुआई सांसद मीसा भारती ने की। उनके साथ सांसद संजय यादव, अभय कुशवाहा, अनिल कुमार यादव और अन्य राजद सांसद भी शामिल हुए।

राजद सांसद मीसा भारती ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती हुई है, लेकिन इसके बावजूद देश में इन संसाधनों की उपलब्धता आसान नहीं है। एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

राजद सांसद संजय यादव ने कहा कि 2022 में जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी, तब सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कराया गया था। उसके आधार पर बिहार में जाति आधारित आरक्षण सीमा 75 प्रतिशत की गई, जिसमें 65 प्रतिशत दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों के लिए था। बिहार कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा था कि इसे संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए, लेकिन लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार का रवैया दलित, ओबीसी और आदिवासी विरोधी है।

राजद सांसद अभय कुशवाहा ने प्रधानमंत्री द्वारा पश्चिम एशिया संघर्ष पर सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक बुलाने पर कहा कि ऐसी चर्चाएं होनी चाहिए और केंद्र सरकार को राज्यों को स्थिति की पूरी जानकारी देनी चाहिए। यदि नागरिकों के साथ भी जानकारी साझा की जाए, तो इससे स्थिति के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Powered By Sangraha 9.0