पटना, 28 मार्च (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के राजगीर स्थित स्थायी परिसर में 31 मार्च को दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति एवं विश्वविद्यालय की विजिटर द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
यह समारोह कई मायनों में खास होगा, क्योंकि नव उद्घाटित स्थायी परिसर में आयोजित होने वाला यह पहला दीक्षांत समारोह है। इस आधुनिक परिसर का उद्घाटन जून 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था। विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के बाद यह दूसरा दीक्षांत समारोह है, जबकि पहला समारोह वर्ष 2016 में आयोजित हुआ था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राजगीर और नालंदा विश्वविद्यालय का राष्ट्रपति के रूप में यह पहला दौरा होगा। इस दौरान वे दीक्षांत भाषण देंगी, छात्रों को उपाधियां प्रदान करेंगी और मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित करेंगी। साथ ही वे विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2000 सीटों वाले सभागार ‘विश्वमित्रालय’ का उद्घाटन भी करेंगी।
समारोह में पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टरेट प्रोग्राम के छात्रों को व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्रदान की जाएगी। इस दीक्षांत समारोह की विशेषता इसकी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी है, जिसमें अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, सर्बिया, घाना, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे सहित कई देशों के छात्र शामिल होंगे।
इस अवसर पर कुल 10 पीएचडी उपाधियां और 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी