
नई दिल्ली, 28 मार्च (हि.स.)। भारत ने शनिवार को स्पष्ट किया कि 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच टेलीफोन पर हुई वार्ता केवल दोनों देशों के बीच ही सीमित थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान में कहा, “हमने खबर देखी है। 24 मार्च की टेलीफोन वार्ता केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी।” उन्होंने कहा कि यह बातचीत पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करने के लिए थी।
विदेश मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्टों के बीच आया है, जिनमें दावा किया गया था कि उद्योगपति एलन मस्क भी इस कॉल में शामिल थे। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि यह एक असामान्य स्थिति थी, जब किसी निजी नागरिक ने युद्धकालीन संकट के दौरान दो राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत में भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि एलन मस्क और राष्ट्रपति ट्रंप के संबंधों में हाल के महीनों में सुधार हुआ है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मस्क ने बातचीत में कोई भूमिका निभाई या नहीं।
रिपोर्टों के मुताबिक मस्क की कंपनियों का पश्चिम एशिया के देशों जैसे सऊदी अरब और कतर के सॉवरेन वेल्थ फंड्स से निवेश जुड़ा हुआ है। साथ ही वह भारत में अपने कारोबारी विस्तार को लेकर भी लंबे समय से रुचि रखते रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने हालांकि दोहराया कि 24 मार्च की वार्ता द्विपक्षीय थी और इसमें किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार