भारत-यूके व्यापार समझौते को लागू करने की दिशा में, तय समयसीमा पर अमल की तैयारी

29 Mar 2026 22:59:53
याउंडे में डब्ल्यूटीओ सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय सचिव पीटर जे काइल के साथ द्विपक्षीय बैठक करते हुए।


याउंडे, 29 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कैमरून के याउंडे में विश्व व्यापार संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान ब्रिटेन के व्यापार एवं व्यवसाय सचिव पीटर जे काइल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के क्रियान्वयन की प्रगति और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों पक्षों ने डब्ल्यूटीओ के एजेंडे पर भी विचार-विमर्श किया और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाए रखने पर सहमति जताई।

भारत-यूके सीईटीए के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने इस समझौते के लिए सभी आंतरिक मंजूरियां और अनुमोदन प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। ब्रिटेन की ओर से पीटर काइल ने जानकारी दी कि यूके ने भी इस समझौते को संसदीय मंजूरी दे दी है। दोनों पक्षों ने तय समयसीमा के अनुसार इस समझौते को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता जताई।

गोयल ने कहा कि इस समझौते के लाभ देशभर के व्यवसायों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम जरूरी हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों सहित सभी हितधारकों को इस समझौते का पूरा लाभ मिलना चाहिए।

ब्रिटेन की ओर से क्षेत्रीय स्तर पर व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसमें स्कॉटलैंड और मैनचेस्टर जैसे क्षेत्रों में विशेष गतिविधियां शामिल होंगी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और गति मिलेगी।

द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से गोयल ने ब्रिटेन की कंपनियों को भारत में निवेश और साझेदारी के अवसर तलाशने का आमंत्रण दिया। उन्होंने ग्रामीण परिवर्तन से जुड़े क्षेत्रों सहित विभिन्न सेक्टरों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया।

डब्ल्यूटीओ एजेंडे पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने सुधारों, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर कस्टम ड्यूटी के मोराटोरियम तथा ट्रिप्स समझौते के तहत गैर-उल्लंघन एवं परिस्थिति शिकायतों पर मोराटोरियम जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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