
काठमांडू, 29 मार्च (हि.स.)। नेपाल सरकार ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित प्रवेश परीक्षा तैयारी कक्षाओं और ब्रिज कोर्स कराने वाले कोचिंग सेंटर को 15 दिनों के भीतर पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है।
शिक्षा, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा है कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के मनोविज्ञान और शिक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, साथ ही अनावश्यक आर्थिक बोझ भी बढ़ाते हैं।
मंत्रालय के द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि स्कूल और उच्च शिक्षा में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विभिन्न संस्थाएं प्रवेश को लक्षित करते हुए ऐसे कार्यक्रम चला कर न सिर्फ छात्रों को मानसिक दबाब बनाती है बल्कि उनके अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के कोचिंग सेंटर विद्यार्थियों के मानसिक विकास और शिक्षा में समान अवसर पर नकारात्मक असर डालते हैं और अभिभावकों तथा छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालते हैं। इतना ही नहीं सरकार का कहना है कि कोचिंग सेंटर के नाम पर कुछ शिक्षा माफिया अपना धंधा चलाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। लेकिन उससे छात्रों को कोई फायदा नहीं होता है।
शिक्षा मंत्रालय ने इन तरह के कोचिंग सेंटर चलाने वाले सभी संस्थानों को 14 अप्रैल तक अपने संस्थानों को पूर्ण रूप से बंद करने का निर्देश दिया है।
मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि ऐसे संस्थान 14 अप्रैल से पूरी तरह बंद किए जाए और इनके संचालन की निगरानी भी की जाए। यदि कोई संस्था इस निर्णय के विपरीत ऐसे कार्यक्रम चलाती पाई गई, तो प्रचलित कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संबंधित जिला प्रशासन कार्यालयों को भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास