फ्लैट लिस्टिंग के बाद उछले स्पेशलिटी मेडिसिन्स के शेयर, मामूली फायदे में आईपीओ निवेशक

30 Mar 2026 11:40:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। फार्मास्यूटिकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनी स्पेशियलिटी मेडिसिन्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री की। हालांकि लिस्टिंग के बाद खरीदारी शुरू होने से आईपीओ निवेशक मामूली फायदे में आ गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 124 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 124 रुपये के स्तर पर ही हुई।

लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाया, जिससे ये शेयर उछल कर 129.50 रुपये के स्तर तक पहुंचा। हालांकि इसके बाद बिकवाली शुरू हो गई, जिसके कारण इस शेयर की चाल में गिरावट आ गई। दोपहर 11:15 बजे तक के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर 124.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक पचास पैसे प्रति शेयर यानी 0.40 प्रतिशत के फायदे में थे।

स्पेशियलिटी मेडिसिन्स लिमिटेड का 29.14 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 24 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 96.24 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.88 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.85 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 23.50 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपना आरएंडडी सेंटर बनाने, विदेशी बाजार के लिए प्रोडक्ट डेवलपमेंट करने, अपने प्रोडक्ट्स का मार्केटिंग और प्रोमोशन करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.93 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 6.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 27.66 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 58.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 36.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2.86 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी पर 4.81 करोड़ रुपये का कर्ज था।

इस अवधि में कंपनी के नेट वर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेट वर्थ 15.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 23.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी का नेट वर्थ उछल कर 30.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9.09 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 6.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Powered By Sangraha 9.0