इन वजहों से लगातार दूसरे दिन जबरदस्त गिरावट का शिकार हुआ शेयर बाजार

30 Mar 2026 18:29:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार के लिए आज लगातार दूसरा कारोबार दिन भारी गुजरा। आज के कारोबार में सेंसेक्स 1,809 अंक से अधिक टूट गया और निफ्टी ने भी 535 अंक से अधिक का गोता लगाया। कारोबार के आखिरी आधे घंटे में इंट्रा-डे सेटलमेंट के कारण हुई खरीदारी के कारण ये दोनों सूचकांक मामूली रिकवरी कर बंद हुए। मार्च के महीने में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक 10 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुके हैं। इस तरह मार्च 2020 में कोरोना की वजह से आई जोरदार गिरावट के बाद मार्च 2026 का महीना शेयर बाजार के लिए दूसरा सबसे खराब महीना बन गया है।

माना जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच जारी जंग के और तेज होने की आशंका तथा कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी ने आज घरेलू शेयर बाजार पर सबसे बुरा असर डाला। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में आई तेज गिरावट, डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा रुपये की कीमत में आई ऐतिहासिक गिरावट और निफ्टी के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी की वजह से भी शेयर बाजार में आज लगातार दबाव बना रहा।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल भंसाली के अनुसार अमेरिका और इजराइल तथा ईरान के बीच जारी जंग अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। यह जंग लगातार तेज हो रही है। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी ईरान का समर्थन करते हुए इजराइल पर हमला शुरू कर दिया है, जिससे लाल सागर और अरब प्रायद्वीप के रास्ते कच्चे तेल की होने वाली सप्लाई के भी ठप हो जाने की आशंका बन गई है।

दूसरी ओर, अमेरिका भी युद्ध को और तेज करने के लिए अतिरिक्त सैनिक भेज रहा है। ऐसे में भारत के जीडीपी ग्रोथ पर असर पढ़ने की आशंका बन गई है। इसके साथ ही महंगाई दर बढ़ने, करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) बढ़ने और लो अर्निंग ग्रोथ का डर भी बन गया है। इसकी वजह से निवेशक अपना पैसा सुरक्षित रखने के लिए लगातार बिकवाली कर रहे हैं।

अनिल भंसाली का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमत ने भी घरेलू शेयर बाजार के कारोबार पर काफी बुरा असर डाला है। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 116.70 डॉलर प्रति बैरल केसर तक पहुंच गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने भी आज 103.38 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक छलांग लगाई।

इस महीने कच्चे तेल की कीमत में लगभग 60 प्रतिशत की तेजी दर्ज की जा चुकी है। इसके पहले कच्चे तेल की कीमत में ऐसी मासिक तेजी 1990 में इराक द्वारा कुवैत पर आक्रमण किए जाने के बाद दर्ज की गई थी। कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी के कारण भारत के इंपोर्ट बिल में जोरदार बढ़ोतरी होना तय हो गया है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर निगेटिव असर पड़ सकता है। ये बात भी निवेशकों के लिए डर की वजह बनी हुई है।

इसी तरह धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन और वैश्विक अर्थव्यवस्था के डगमगाने की आशंका के कारण विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। मार्च के महीने में विदेशी निवेशक हर कारोबारी दिन शुद्ध रूप से बिकवाल की भूमिका में बने रहे हैं। 27 मार्च तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से 1,18,093 करोड़ रुपये की निकासी कर चुके थे, जो किसी एक महीने में विदेशी निवेशकों की सबसे अधिक निकासी का एक नया रिकॉर्ड है।

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण दुनिया भर के शेयर बाजारों में आई गिरावट, रुपये की कमजोरी, खाड़ी देशों से रेमिटेंस में कमी का डर और कच्चे तेल की ऊंची कीमत का भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक असर की आशंका को लेकर विदेशी निवेशक लगातार घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है।

इसके अलावा आज घरेलू शेयर बाजार में बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आज ऑनशोर एक्स्पोजर पर पोजिशन लिमिट कड़ी कर देने की वजह से बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में दिन भर बिकवाली होती रही। माना जा रहा है कि आरबीआई के इस निर्देश के बाद ऑनशोर एक्स्पोजर पोजीशन अचानक और अव्यवस्थित तरीके से खुल सकती है, जिससे नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है। रुपये पर लगातार बढ़ रहे दबाव पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने दस अप्रैल तक के लिए यह व्यवस्था दी है, लेकिन इसकी वजह से आज बैंकिंग सेक्टर पर जबरदस्त दबाव बन गया और पूरे मार्केट सेंटीमेंट्स पर निगेटिव असर पड़ा।

प्रशांत धामी के अनुसार शेयर बाजार में आई गिरावट की एक बड़ी वजह निफ्टी के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) कॉन्ट्रैक्ट्स की आज हुई मंथली एक्सपायरी भी रही। मंगलवार को शेयर बाजार में छुट्टी होने के कारण निफ्टी की मंथली फ्यूचर एंड ऑप्शंस एक्सपायरी एक दिन पहले आज हुई। इसके कारण बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहा। इसी तरह शेयर बाजार के निवेशकों में मौजूद घबराहट को दिखाने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) भी आठ प्रतिशत से अधिक बढ़कर 28.78 के स्तर पर पहुंच गया। इसकी वजह से भी निवेशकों में के बीच अफरा तफरी का माहौल बना रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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