(राउंड अप) मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहें : डॉ मोहन यादव

31 Mar 2026 18:55:58
एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में एम पी सीएम


एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में एम पी सीएम


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में हुए शामिल

जिन लोगों ने नक्सलवाद को आगे बढ़ाया, वह भी इसकी चपेट में आ चुके: मोहन यादव

वाराणसी, 31 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के बल पर देश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया है। यह लोकतंत्र की स्थापना के लिए बड़ी चुनौती थी। मध्यप्रदेश भी अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे प्रदेश के विकास और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन मंगलवार को वाराणसी के छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि जिन लोगों ने नक्सलवाद को आगे बढ़ाया, वह भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। आज इसका अंत हो चुका है। कभी राज्य आपस में जल बंटवारा को लेकर लड़ते थे, अब ऐसा नहीं होता। मध्य प्रदेश में सुशासन की उत्कृष्ट मिसाल पेश हो रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच केन बेतवा विवाद का अंत इसी का हिस्सा है। कांग्रेस ने खूब सपने दिखाए लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे कर दिखाया। आज बुंदेलखंड की तस्वीर बदल रही है। एक हजार करोड़ रूपये के यहां विकास पर खर्च हो रहे हैं, इसमें यूपी और मध्य प्रदेश सिर्फ दस प्रतिशत तो नब्बे प्रतिशत केंद्र खर्च कर रहा है। विकास की इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के मुरैना में सोलर परियोजना पर बड़ा काम होने जा रहा है। 2000 मेगावाट की यह परियोजना दोनों ही राज्यों के किसानों के लिए खास लाभकारी होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के कर्मक्षेत्र का काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के सात पवित्र स्थानों में शामिल

सम्मेलन में वाराणसी में हुए विकास कार्यो की सराहना करते हुए डॉ मोहन यादव ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम दुनिया के सात पवित्र स्थानों में शामिल है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उनका कर्मक्षेत्र वाराणसी निरंतर आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सुशासन का प्रतिमान स्थापित किया है। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने भी कानून-व्यवस्था के साथ विकास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि भारत स्थिरता, संभावनाओं और भरोसे का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी की तरह उज्जैन भी धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विशेष महत्व रखता है। दोनों राज्यों के बीच भौगोलिक रिश्ते होने के साथ-साथ सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश साझा विरासत के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए अनंत निवेश संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योग और निवेश गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फोकस्ड स्वरूप में आगे बढ़ रही है। वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाने के बाद वर्तमान वर्ष 2026 में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अनंत निवेश संभावनाएं हैं। प्रदेश से 70 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। राज्य सरकार अस्पताल खोलने के लिए 1 रुपए लीज पर 30 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है।

ओडीओपी से बढ़ा उत्तर प्रदेश का निर्यात

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश देश का बड़ा राज्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 9 साल के नव निर्माण में डबल इंजन की सरकार ने अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। यहां एमएसएमई की 96 लाख ईकाइयां हैं, जो कृषि के बाद सबसे अधिक 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं। राज्य सरकार ने 2018 में ओडीओपी प्रोग्राम की शुरुआत की गई। ओडीओपी उत्पादकों से प्रदेश का निर्यात बढ़ा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का काशी आगमन एक सुखद संयोग

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता (नंदी) ने कहा कि बाबा महाकाल के अनन्य भक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आगमन एक सुखद सौभाग्य है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव औद्योगिक निवेश को आगे बढ़ा रहे हैं। यह सम्मेलन ओडीओपी और एमएसएमई सेक्टर में सहयोग के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।

मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी में रजत पदक प्राप्त किया

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस सहयोग सम्मेलन में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश का उद्देश्य एक है। एक जिला एक उत्पाद की अवधारणा के अनुरूप हर जिले को उसके उत्पाद, कौशल और परम्परा से विशेष पहचान दिलाना और जिला स्तर पर रोजगार सृजन के साथ-साथ निर्यात में वृद्धि कर आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करना हमारा लक्ष्य है। मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में ओडीओपी प्रोडक्ट हैं। जिनसे लाखों कारीगर और किसान जुड़े हैं। राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी में मध्यप्रदेश ने रजत पदक हासिल किया है। प्रदेश में ओडीओपी नई पहचान के रूप में स्थापित हो रहा है।

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की साझी विरासत का डाकिया बन रहा

उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ओडीओपी प्रोग्राम की विस्तृत जानकारी साझा की। राज्य सरकार ओडीओपी को प्रोत्साहित करने के लिए 1500 कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी संचालित कर रही है। अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उत्तरप्रदेश के ओडीओपी प्रोडक्ट्स को सेल किया जा रहा है। गांव कनेक्शन पोर्टल के संस्थापक तथा स्टोरी टेलर नीलेश मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश का साझा डबल इंजन है। गांव कनेक्शन ने यूपी के जिलों से अपनी यात्रा शुरू की, जिसमें जिलों के ओडीओपी प्रोडक्ट्स को पहचान दिलवाई गई। मध्यप्रदेश का रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव देशभर के लिए एक अनोखा मॉडल बनकर सामने आया है। गांव कनेक्शन मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की साझी विरासत का डाकिया बन रहा है। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मंत्री रवींद्र जायसवाल, जीआई टैग एक्सपर्ट पद्मश्री रजनीकांत, लघु उद्योग भारती के राजेश सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के सचिव द्वय आलोक सिंह, इलैयाराजा टी भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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