
नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 3-5 अप्रैल तक 'ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स' (जीसीएमएल 2026) का आयोजन होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन होंगे।
'बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन' ने यहां प्रेस क्लब में मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह सम्मेलन आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक नेतृत्व के बीच ध्यान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है ताकि इसे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, निर्णय लेने की स्पष्टता और सामाजिक परिवर्तन के एक प्रभावशाली साधन के रूप में अपनाया जा सके। इसके अलावा सार्वजनिक नीति, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में ध्यान के एक व्यावहारिक और वैज्ञानिक माध्यम के रूप में समावेश करना है।
इसमें एस-व्यासा यूनिवर्सिटी और ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल ऑफ इंडिया (जीटीटीसीआई), पीएमसी तेलुगु, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी और बीसुपरमाइंड जैसे प्रमुख संस्थान सहयोगी की भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर आध्यात्मिक, राजनीतिक और चिकित्सा जगत की कई दिग्गज हस्तियों में पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती, नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद के. पॉल, सीबीआई एवं सीआरपीएफ के पूर्व निदेशक पद्मश्री डीआर कार्तिकेयन, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य डॉ सुधांशु त्रिवेदी, आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा, परमर्थ निकेतन के अंतरराष्ट्रीय निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती, एम्स नई दिल्ली के प्रो. डॉ रीमा दादा और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, अमेरिका के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सारा लाजर सहित अन्य वक्ता शामिल होंगे।
सम्मेलन में मानसिक तथा शारीरिक स्वास्थ्य पर शोध आधारित चर्चा होगी, निर्णय क्षमता में स्पष्टता और सामाजिक परिवर्तन के लिए ध्यान के उपयोग पर बल दिया जाएगा। इसके अलावा प्रतिभागियों के लिए ‘गाइडेड मेडिटेशन सत्र’ आयोजित किए जाएंगे ताकि वे इसके व्यावहारिक लाभों का अनुभव कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी