नगालैंड के मोकोकचुंग में मछलियों की दो नई प्रजातियों की खोज

06 Mar 2026 12:32:53
Image of the Two New Fish Species Discovered in Nagaland’s Mokokchung.


मोकोकचुंग (नगालैंड), 06 मार्च (हि.स.)। नगालैंड के मोकोकचुंग जिले में वैज्ञानिकों ने मीठे पानी की मछलियों की दो नई प्रजातियों की खोज की है। खास बात यह है कि इन दोनों प्रजातियों का नाम एक दिवंगत सहयोगी के बेटे और बेटी के नाम पर रखा गया है, जिससे उनकी अंतिम इच्छा पूरी की गई।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, नई खोजी गई प्रजातियों के नाम ग्लिप्टोथोरैक्स सेंटिमेरेनी और ओरेइचथिस एलियाने हैं। इनकी पहचान मोकोकचुंग जिले में किए गए इच्थियोलॉजिकल सर्वेक्षण के दौरान हुई। बाद में इस शोध को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका जूटैक्सा में प्रकाशित किया गया।

यह अध्ययन अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान के जे. प्रवीनराज और मुंबई के स्वतंत्र शोधकर्ता बालाजी विजयकृष्णन ने मोकोकचुंग के फजल अली कॉलेज के सहायक प्राध्यापक रहे दिवंगत लेफ्टिनेंट लिमाकुम के सहयोग से किया था।

शोधकर्ताओं के अनुसार, ग्लिप्टोथोरैक्स सेंटिमेरेनी प्रजाति की मछली दिखौ नदी के पथरीले हिस्सों में पाई गई। यह तेज बहाव वाली पहाड़ी नदियों में रहने वाली कैटफिश समूह की मछली है, जिसके शरीर के निचले हिस्से में विशेष चिपकने वाली संरचना होती है, जिससे यह तेज धारा में भी चट्टानों से चिपकी रह सकती है।

दूसरी प्रजाति ओरिख्थिस एलियाने त्सुरंग नदी की एक सहायक धारा में पाई गई। लगभग 2.5 सेंटीमीटर लंबी इस छोटी मछली की पहचान इसके चमकीले लाल पंखों और पूंछ के आधार पर बने काले धब्बे से होती है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से ब्रह्मपुत्र बेसिन की जलीय जैव विविधता के बारे में नई जानकारी मिली है। साथ ही यह नगालैंड की पारिस्थितिक समृद्धि को भी उजागर करती है, जो पूर्वी हिमालय और इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट के संगम पर स्थित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

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