गुजरात के चार महानगर पालिकाओं में प्रशासक शासन लागू, चार आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी

07 Mar 2026 22:01:53
सूरत महानगर पालिका ( फाइल फोटो)


गांधीनगर, 07 मार्च (हि.स.)। गुजरात में स्थानीय स्वराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद राज्य सरकार ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और भावनगर महानगर पालिका में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी है। सरकार की अधिसूचना के अनुसार अब इन महानगर पालिकाओं का संचालन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा।

सरकार ने अनुभवी आईएएस अधिकारियों को इन नगर निगमों का प्रशासक नियुक्त किया है। आगामी महानगर पालिका के चुनाव होने तक सभी नीतिगत फैसले और प्रशासनिक कार्य इन्हीं प्रशासकों के अधीन रहेंगे। जानकारी के अनुसार राज्य की छह महानगर पालिका में 10 मार्च 2026 से प्रशासक शासन लागू किया जाएगा।

सरकार ने प्रमुख महानगर पालिका में वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

अहमदाबाद महानगर पालिका: शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश कुमार को प्रशासक नियुक्त किया गया है।

वडोदरा महानगर पालिका : जीयूवीएनएल की प्रबंध निदेशक शालिनी अग्रवाल को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई है।

सूरत महानगर पालिका: दक्षिण गुजरात के प्रमुख शहर सूरत में अतिरिक्त मुख्य सचिव मिलिंद तोरवणे को प्रशासक बनाया गया है।

भावनगर महानगर पालिका: सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल को प्रशासक का कार्यभार सौंपा गया है।

बताया जा रहा है कि राजकोट और जामनगर महानगर पालिका में भी जल्द ही प्रशासकों की नियुक्ति की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि इन सभी आईएएस अधिकारियों को संबंधित शहरों के प्रशासन का अनुभव है क्योंकि वे पहले यहां मनपा कमिश्नर के रूप में कार्य कर चुके हैं। महानगर पालिका में प्रशासक शासन लागू होने के बाद अब शहरों के विकास कार्य, लंबित परियोजनाएं और खासकर मानसून से पहले की तैयारियां सीधे प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में होंगी। ऐसे में लोगों की नजर अब इन परियोजनाओं की गति और प्रशासनिक फैसलों पर रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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