- 09 मई 2023 हिंसा मामले में अदालत का फैसलाइस्लामाबाद, 07 मार्च (हि.स.)। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़े 47 नेताओं और समर्थकों को अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत ने शनिवार को सुनाया।
अदालत ने इन सभी को मई 2023 में इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों और तोड़फोड़ के मामलों में दोषी ठहराया। 09 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में पीटीआई समर्थकों ने व्यापक प्रदर्शन किए थे, जिनमें कई स्थानों पर हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई थीं।
रावलपिंडी में प्रदर्शनकारियों ने सेना मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी और इस दौरान कई सरकारी इमारतों, वाहनों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। पुलिस ने इस मामले में रावलपिंडी के आरए बाजार थाने में मामला दर्ज किया था।
आतंकवाद निरोधक अदालत के न्यायाधीश अमजद अली शाह ने बताया कि अदालत में पेश न होने के कारण इन आरोपितों को पहले ही अपराधी घोषित कर दिया गया था। बाद में अनुपस्थिति में सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल की सजा और प्रत्येक पर 5 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाया।
सजा पाने वालों में पीटीआई के कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जिनमें उमर अयुब खान, शिबली फराज, शहबाज गिल, जुल्फी बुखारी, मुराद सईद, जरदाज गुल और हम्माद अजहर के नाम शामिल हैं।
अदालत ने दोषियों की चल और अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट में इन लोगों की भूमिका हिंसक प्रदर्शन की योजना बनाने में सामने आने के बाद इन्हें आतंकवाद निरोधक कानून के तहत दोषी माना गया।
इस मामले में कुल 118 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिनमें इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का नाम भी शामिल है। फिलहाल इमरान खान अदियाला जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामलों की सुनवाई जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय