सरकार ने हरित अमोनिया, हरित मेथेनॉल के मानकों की घोषणा की

07 Mar 2026 19:30:53
हरित हाइड्रोजन के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 07 मार्च (हि.स)। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत ग्रीन हाइड्रोजन के उप-उत्पादों के कारोबार को तेज करने के लिए हरित अमोनिया और हरित मेथेनॉल के मानकों की घोषणा की है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की प्रगति की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत सरकार ने 27 फरवरी को भारत के लिए हरित अमोनिया और हरित मेथेनॉल मानकों को अधिसूचित किया है।

मंत्रालय के मुताबिक जारी मानक उन उत्सर्जन सीमाओं और पात्रता शर्तों को रेखांकित करते हैं, जिन्हें अमोनिया और मेथेनॉल को ‘हरित’ के रूप में वर्गीकृत करने के लिए पूरा किया जाना चाहिए। यानी इन्हें नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त हरित हाइड्रोजन का उपयोग करके उत्पादित किया जाना चाहिए।

इंडिया ग्रीन अमोनिया के लिए:- हरित अमोनिया मानक के अनुसार हरित हाइड्रोजन उत्पादन, अमोनिया संश्लेषण, परिशोधन, संपीड़न और उत्पादन स्थल पर भंडारण से पैदा कुल गैर जैवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 0.38 किलोग्राम कार्बन डायऑक्साइड समतुल्य प्रति किलोग्राम अमोनिया (किग्रा CO2 eq/किग्रा NH3) होगा जिसका गणन पूर्ववर्ती 12 महीनों की अवधि के औसत के रूप में किया जाएगा।

इंडिया ग्रीन मेथेनॉल के लिए:- हरित मेथेनॉल मानक के अनुसार हरित हाइड्रोजन उत्पादन, मेथेनॉल संश्लेषण, परिशोधन, संपीड़न और उत्पादन स्थल पर भंडारण से पैदा कुल गैर जैवजनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 0.44 किलोग्राम कार्बन डायऑक्साइड समतुल्य प्रति किलोग्राम मेथेनॉल (किग्रा CO₂ eq/किग्रा CH₃OH) होगा जिसका गणन पूर्ववर्ती 12 महीनों की अवधि के औसत के रूप में किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 जनवरी, 2023 को 19,744 करोड़ रुपये के शुरुआती परिव्यय के साथ इस मिशन को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन और इसके उप-उत्पादों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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