
इस्तांबुल, 07 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की ओर से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर की तरफ दागे गए मिसाइलों और ड्रोन को इन देशों की वायु रक्षा प्रणालियों ने बड़े पैमाने पर इंटरसेप्ट कर नाकाम कर दिया। कतर का दावा है कि उसने ईरान के 10 में से 9 ड्रोन मार गिराए, जबकि एक सुनसान इलाके में गिरा और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
तुर्किए की सरकारी न्यूज एजेंसी अनादोलु एजेंसी ने कतर रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि ईरान ने देश पर 10 ड्रोन हमले किए। इनमें से 9 ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, जबकि एक ड्रोन दूरदराज के सुनसान इलाके में गिरा। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
मंत्रालय ने कहा कि कतर की सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं और नागरिकों एवं विदेशियों से शांत रहने तथा आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अल-खार्ज स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा शायबा ऑयलफील्ड की ओर बढ़ रहे छह ड्रोन भी मार गिराए गए। इससे पहले रियाद के पूर्व में एक अन्य ड्रोन को भी नष्ट किया गया था।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का लगातार जवाब दे रही है। तनाव के बीच दुबई में हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। एयरलाइन ट्रैकर फ्लाइटरडार24 के अनुसार दुबई जाने वाली कई उड़ानें एयरपोर्ट के ऊपर होल्डिंग पैटर्न में रहीं।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सतर्क रहने और नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। कुछ ही घंटों के भीतर देश में दूसरी बार चेतावनी सायरन बजाए गए।
कतर की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से सीमित क्षमता के साथ एयर नेविगेशन दोबारा शुरू किया जा रहा है। इस चरण में यात्रियों को निकालने के लिए कुछ निर्धारित उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि भले ही ईरान के जवाबी हमलों की तीव्रता कम हो, लेकिन कुछ घटनाएं भी वैश्विक तेल बाजार, हवाई यात्रा और क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने के लिए पर्याप्त हैं।
गौरतलब है कि 28 फरवरी से ईरान इजराइल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। इन देशों में कई जगह अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। कुछ हमलों में बंदरगाहों और रिहायशी इमारतों जैसे नागरिक ठिकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
तेहरान का कहना है कि ये हमले ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल के सैन्य अभियान के जवाब में किए जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी