उत्तराखंड के चौबटिया में खत्म हुआ भारत–जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म गार्जियन’

09 Mar 2026 14:00:53
भारत–जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास


देहरादून, 09 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड के चौबटिया स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में 24 फरवरी से चल रहे भारत–जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास ’धर्म गार्जियन’ का समापन हो गया है। इस अभ्यास ने दोनों देशों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी को मज़बूत किया और काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन्स, शहरी युद्ध और मुश्किल इलाकों में कॉम्बैट ड्रिल्स में जॉइंट ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाया।

सैन्य अभ्यास ’धर्म गार्जियन’ का सातवां संस्करण 24 फरवरी को शुरू हुआ था, जो 08 मार्च तक चला। वर्ष 2018 से भारत और जापान में बारी-बारी से होने वाला यह वार्षिक अभ्यास भारत–जापान रक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साझा सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक आतंकवाद के बदलते स्वरूप को देखते हुए इसका महत्व और बढ़ गया है। अभ्यास के समापन समारोह में भारत और जापान की सेनाओं के बीच गहन संयुक्त प्रशिक्षण की सफल परिणति को चिह्नित किया गया। इस अभ्यास ने भारत और जापान के बीच गहराते सामरिक संबंधों को और सुदृढ़ किया और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और उन्नत रक्षा सहयोग के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया। सेना ने रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी।

सेना ने एक बयान में बताया कि अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं के जवानों ने एक साथ प्रशिक्षण लेकर पारस्परिक संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) और संयुक्त अभियान दक्षता को सशक्त किया। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन, शहरी युद्ध कौशल व जटिल भूभाग में युद्धाभ्यास पर रहा। इस दौरान सर्वोत्तम प्रक्रियाओं, परिचालन विधियों और पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान किया गया। साथ ही शारीरिक क्षमता, फायरिंग कौशल और फील्डक्राफ्ट में भी सुधार किया गया। अभ्यास ने आपसी संवाद और एक-दूसरे की परंपराओं एवं संस्कृति से परिचय के माध्यम से सौहार्द को भी बढ़ावा दिया।

अभ्यास का प्रमुख आकर्षण एक्सरसाइज ‘आसाही शक्ति’ रहा, जिसे संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त मानकों के परीक्षण के लिए वैलिडेशन अभ्यास के रूप में आयोजित किया गया। इस चरण में चौबटिया क्षेत्र में एक काल्पनिक परिचालन परिदृश्य के आधार पर 48 घंटे का फील्ड अभ्यास किया गया, जिसमें संयुक्त बलों ने आतंकवादियों के विरुद्ध अभियान चलाया। इसमें भूभाग विश्लेषण, कंपनी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना, गश्त एवं घात लगाकर खुफिया जानकारी एकत्र करना, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन, विशेष हेलिबोर्न ऑपरेशन, रूम इंटरवेंशन तथा बंधक मुक्ति अभ्यास शामिल थे। स्थिति की बेहतर समझ, समन्वय और परिचालन प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए ड्रोन सहित आधुनिक निगरानी तकनीकों का भी उपयोग किया गया।

समापन समारोह में जेजीएसडीएफ की प्रथम डिवीजन के उप कमांडिंग जनरल मेजर जनरल त्सुनेहिरो यानागिदा तथा भारतीय सेना की ओर से मुख्यालय 14 कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल सुधांशु शर्मा उपस्थित रहे। अभ्यास धर्मा गार्जियन की सफल परिणति भारत–जापान रक्षा साझेदारी के सुदृढ़ होते संबंधों और समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। भारत और जापान के बीच गहरी होती स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को दिखाते हुए इस एक्सरसाइज़ ने क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और डिफेंस सहयोग के लिए दोनों देशों के साझा कमिटमेंट की पुष्टि की।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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