
नई दिल्ली, 09 मार्च (हि.स.)। लोकसभा की कार्यवाही सोमवार को विपक्षी सदस्यों के पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष पर चर्चा कराने की मांग को लेकर किए गए हंगामे के कारण पहले दो बार स्थगित होने के बाद मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने पश्चिम एशिया में तनाव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। इस कारण सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न 03 बजे फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। विपक्ष ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेशों में रह रहे भारतीयों पर असर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।टीएमसी सदस्य महुआ मोइत्रा द्वारा नारे लगाए जाने पर पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल नाराज हो गए और उन्होंने विपक्षी सदस्यों से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और भारतीयों की सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति को लेकर आवश्यक कदमों की जानकारी भी दी है।सरकार की ओर से कहा गया कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है और इस पर चर्चा करने के लिए सदन तैयार है, लेकिन विपक्ष ने दूसरा प्रस्ताव पेश किया, जिस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब दिया। इसके बाद लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गयी। एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी समेत कई सदस्यों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।विदेश मंत्री जयशंकर ने पहले राज्यसभा और फिर लोकसभा में संबोधन दिया। उन्होंने खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी और ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस समय ईरानी नेतृत्व से संपर्क मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत का पक्षधर है।राज्यसभा में उनके संबोधन के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट किया, जबकि लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने “वी वॉन्ट डिस्कशन” के नारे लगाए और हंगामा जारी रखा। पीठासीन अधिकारी के बार-बार समझाने के बावजूद विपक्ष शांत नहीं हुआ। लगातार हंगामे के कारण अंततः लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। -----------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर