
नई दिल्ली, 09 मार्च (हि.स.)।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले साल जून में एयर इंडिया की फ्लाइट ए आई 171 के क्रैश की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इसकी रिपोर्ट साल पूरा होने से पहले ही जारी कर दी जाएगी।
राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार जांच कर रही एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो को हर तरह की जरूरी मदद दे रही है।
नायडू ने बताया कि जांच में तकनीकी पहलुओं, फ्लाइट डेटा और अन्य सबूतों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि हादसे की असली वजह सामने लाई जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रिपोर्ट तैयार होते ही उसे सार्वजनिक किया जाएगा।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण उड़ानों पर पड़ने वाले असर से जुड़े सवालों के जवाब में नायडू ने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने तुरंत एयरलाइंस से संपर्क किया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए।
उन्होंने बताया कि नियामक संस्था ने एयरलाइन अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं, ताकि क्षेत्र के हवाईअड्डों के लिए उड़ानें तभी संचालित हों जब “100 प्रतिशत सुरक्षा” सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा यात्रियों में किसी तरह की भ्रम की स्थिति से बचने के लिए यात्रा परामर्श (ट्रैवल एडवाइजरी) भी जारी की गई हैं।
मंत्री के अनुसार, संकट के कारण उत्पन्न बाधाओं के बावजूद एयरलाइंस ने अपने संचालन में बदलाव किए और अतिरिक्त फ्लाइट स्लॉट हासिल किए, जिसके चलते पिछले एक सप्ताह में करीब 90,000 यात्रियों ने भारत की यात्रा की है।
मंत्री ने जेवर एयरपोर्ट को लेकर एक सवाल के जवाब में सदन को यह भी बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को डीजीसीए से एयरोड्रोम लाइसेंस मिल गया है। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण सहित विभिन्न एजेंसियों से परामर्श के बाद यह एयरपोर्ट करीब 45 दिनों में चालू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बोइंग 787-8 विमान, जो एयर इंडिया फ्लाइट AI171 के रूप में संचालित हो रहा था, अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी। 12 जून 2025 को उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और क्रू सदस्यों समेत कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी