
सिडनी, 09 मार्च (हि.स.)। भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम एएफसी महिला एशियन कप ऑस्ट्रेलिया 2026 के ग्रुप-सी के अपने तीसरे और अंतिम मुकाबले में चीनी ताइपे से भिड़ने के लिए तैयार है। यह मैच 10 मार्च को सिडनी के वेस्टर्न सिडनी स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे शुरू होगा।
भारत फिलहाल दो मैचों में शून्य अंक के साथ ग्रुप में चौथे स्थान पर है। टीम को वियतनाम के खिलाफ 1-2 और जापान के खिलाफ 0-11 से हार का सामना करना पड़ा। जापान दो मैचों में छह अंकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि चीनी ताइपे और वियतनाम तीन-तीन अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
हालांकि, ब्लू टाइग्रेस के पास अभी भी क्वार्टर-फाइनल में पहुंचने का मौका है। इसके लिए भारत को चीनी ताइपे को कम से कम दो गोल के अंतर से हराना होगा और साथ ही जापान को वियतनाम के खिलाफ मंगलवार को होने वाले मुकाबले में जीत दर्ज करनी होगी। एक गोल के अंतर से जीत भी भारत के लिए पर्याप्त हो सकती है, बशर्ते सोमवार को बांग्लादेश और उज्बेकिस्तान के बीच खेला गया मैच ड्रॉ पर खत्म हो। तीनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें और दो सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की टीमें क्वार्टर-फाइनल में पहुंचेंगी।
भारत की मुख्य कोच अमेलिया वालवर्डे ने पिछले दो मैचों के परिणामों को पीछे छोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों मैच (वियतनाम और जापान के खिलाफ) बिल्कुल अलग थे। सबसे पहली चीज हमें यह करनी है कि जो हो चुका है उसे जितनी जल्दी हो सके पीछे छोड़ दें। हमें इस मैच की अच्छी तैयारी करनी है और इसमें कोई संदेह नहीं है। वालवर्डे ने कहा कि हम इस मैच के महत्व को समझते हैं। हमने पिछले मैच को पीछे छोड़ दिया है और अब हमारे पास यह अवसर है, जिसे हमें पूरी गंभीरता के साथ लेना होगा।
उन्होंने आगे कहा, “खिलाड़ी पूरी तरह फोकस्ड हैं और हम अपने मौकों को गोल में बदलने पर काम कर रहे हैं। हमें पता है कि यह हमारे लिए फाइनल जैसा मैच है। खिलाड़ी कई महीनों से अपने देश के लिए इतिहास रचने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इसलिए हमें यह समझना होगा कि हमारे पास क्वालिफाई करने का स्पष्ट मौका है और हम इस चरण को अच्छे तरीके से खत्म करना चाहते हैं।”
हालांकि भारतीय कोच चाहती हैं कि उनकी टीम अपने खेल की एक खास शैली के साथ मैदान में उतरे, लेकिन वह चीनी ताइपे के खतरे से भी अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने कहा, “अगर हम पहले मैच के दूसरे हाफ जैसा प्रदर्शन दोहरा पाए, तो हम जीत के काफी करीब होंगे। दूसरी ओर, चीनी ताइपे अपनी खेल शैली में काफी संगठित टीम है।”
उन्होंने कहा, “पहले मैच में उनका डिफेंस काफी मजबूत था और उन्होंने फॉर्मेशन में थोड़ा बदलाव किया, लेकिन जापान के खिलाफ उन्होंने बहुत समझदारी से खेल दिखाया।” वालवर्डे ने कहा, “हमें मैदान पर तीव्रता लानी होगी, गेंद पर नियंत्रण रखना होगा और आक्रमण में आगे बढ़ना होगा। यह हमारी बड़ी ताकतों में से एक है, खासकर खिलाड़ियों की क्षमताओं को देखते हुए, और हम इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।”
भारतीय मिडफील्डर शिल्की देवी हेमाम ने भी कोच की तरह चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबले को टीम के लिए वर्चुअल फाइनल बताया।उन्होंने कहा, “हमने पिछले मैच से काफी सीख ली है और मुझे लगता है कि यह (चीनी ताइपे के खिलाफ) हमारे लिए खास मैच होगा। यह हमारे लिए बड़ा मौका है और हमें इसका पूरा फायदा उठाना होगा।”
दूसरी ओर, चीनी ताइपे के लिए स्थिति थोड़ी आसान है। उन्हें नॉकआउट चरण में पहुंचने के लिए सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत है। हालांकि उनके मुख्य कोच प्रसोबचोके चोकेमोर अपनी टीम को जीत के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “पिछले मैच में वापसी के बाद टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है, लेकिन मुझे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वासी न हो जाएं। निश्चित रूप से, ड्रॉ से भी हमारे क्वालिफाई करने की अच्छी संभावना है, लेकिन हम मैदान पर जीत के इरादे से ही उतरेंगे और अन्य मैचों के नतीजों की चिंता नहीं करेंगे।”
चीनी ताइपे के कोच भारतीय टीम के खतरे से भी सतर्क हैं, खासकर फॉरवर्ड मनीषा कल्याण से।
उन्होंने कहा, “हम भारत के खिलाफ आसान मुकाबले की उम्मीद नहीं कर रहे हैं, क्योंकि मैं उनके खेल से परिचित हूं। मैंने उन्हें थाईलैंड में हुए क्वालिफायर के दौरान देखा है और वे बहुत अच्छी टीम हैं। हम खास तौर पर मनीषा कल्याण को रोकने पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्होंने जबरदस्त गति दिखाई है, इसलिए हमारी नजरें निश्चित रूप से उन पर रहेंगी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे