
कोलकाता, 09 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों काे लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान राज्य पुलिस के डीजी (कानून-व्यवस्था) विनीत गोयल सहित कई अधिकारियों को उन्हाेंने फटकार लगाई।
बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने साफ संदेश दिया कि हर अधिकारी के काम का “डिजिटल फुटप्रिंट” मौजूद रहता है। उन्होंने कहा कि चाहे जिलाधिकारी हों या पुलिस आयुक्त, यदि किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल में अब तक ‘नारकोटिक्स एडवाइजरी कमेटी’ क्यों नहीं बनाई गई, जबकि अन्य राज्यों में इस दिशा में काफी पहले कदम उठाए जा चुके हैं। इस विषय पर स्पष्टीकरण देने की कोशिश करते समय विनीत गोयल को बीच में ही बैठने के लिए कहा गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आयोग के पास सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध है।
बैठक में अन्य संस्थाओं को भी कड़े निर्देश दिए गए। आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, आबकारी विभाग तथा मादक पदार्थ नियंत्रण से जुड़ी एजेंसियों से भी कई सवाल किए।
आयोग ने आबकारी विभाग को निर्देश दिया कि शराब उत्पादन सामान्य स्तर से अधिक न होने पाए और इसके लिए उत्पादन कंपनियों से समन्वय किया जाए। साथ ही सीमा क्षेत्रों में शराब उत्पादन रोकने की भी बात कही गई।
इसके अलावा अवैध धन की बरामदगी के मामलों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखने पर भारतीय रिजर्व बैंक से भी जवाब तलब किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि केंद्र या राज्य, किसी भी स्तर की संस्था यदि गलती करती है तो उसे जवाब देना होगा और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि, आयोग की पूर्ण पीठ पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य के दौरे पर है। इसी क्रम में सोमवार को पहले प्रशासनिक अधिकारियों और उसके बाद जिलाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर