सऊदी अरब ने दक्षिण-पूर्व में ऑयलफील्ड को निशाना बना रहे ड्रोन को किया नष्ट

09 Mar 2026 16:04:53
ईरान हमले के बाद तेल रिफाइनरी से उठता धुआं


इस्तांबुल, 09 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में पिछले 10 दिनों से जारी सैन्य संघर्ष के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सऊदी अरब ने अपने दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक प्रमुख ऑयलफील्ड को निशाना बना रहे ड्रोन को मार गिराया। सऊदी एयर डिफेंस ने रियाद के पास भेजे गए दो अन्य ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी रास्ते में ही नष्ट कर दिया। उधर ईरानी हमलों के बाद बहरीन की बाप्को एनर्जीज ने इसे अप्रत्याशित घटना बताते हुए आपात योजना लागू कर दी है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

तुर्किये की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु एजेंसी के मुताबिक सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने रविवार देर रात बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिण-पूर्व में स्थित शायबा ऑयलफील्ड को निशाना बना रहे एक ड्रोन को मार गिराया। यह ऑयलफील्ड रब-अल-खली रेगिस्तान में स्थित है।

मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, राजधानी रियाद के उत्तर में लक्ष्य बनाकर भेजे गए दो अन्य ड्रोन को भी सऊदी एयर डिफेंस ने रास्ते में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को भी इंटरसेप्ट कर गिरा दिया गया। वहीं, रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो में हाल के दिनों में लॉन्च किए गए कई ड्रोन को सऊदी वायु रक्षा प्रणाली के द्वारा नष्ट करते हुए दिखाया गया है।

इससे पहले सऊदी सिविल डिफेंस ने जानकारी दी थी कि सेंट्रल सऊदी अरब के अल-खार्ज गवर्नरेट में एक मेंटेनेंस और क्लीनिंग कंपनी के रिहायशी इलाके पर किए गए हमले में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई, जबकि 12 बांग्लादेशी घायल हो गए थे।

विगत 28 फरवरी को अमेरिका एवं इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त रूप से हमला किए जाने के बाद से ही पश्चिम एशिया अशांत है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत 1,200 से अधिक लोग मारे गए और 10,000 से अधिक घायल हुए। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल, इराक, जॉर्डन और खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।

बहरीन न्यूज एजेंसी के अनुसार कंपनी ने सोमवार को कहा कि स्थानीय बाजार की सभी जरूरतें पहले से तय इमरजेंसी प्लान के तहत पूरी की जा रही हैं, ताकि ईंधन की आपूर्ति जारी रहे और घरेलू मांग पर कोई असर न पड़े। कंपनी ने कहा कि वह अपने सहयाेगियाें और संबंधित संस्थाओं को हालात से जुड़े ताजा सूचना देती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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