
श्योपुर , 09 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में चंबल घाटी के सघन वनक्षेत्र के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और सोमवार को पांच शावकों के जन्म लेने के साथ ही देश में चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है।
देश में चीता परियोजना के लिए केन्द्र सरकार द्वारा चुने गये पहले अभयारण्य कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला तीसरी बार मां बनी है। ज्वाला ने सोमवार 9 मार्च को पांच नन्हें शावकों को जन्म दिया है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में यह खुशी भरा पल भारतीय धरती पर चीतों के दसवें सफल प्रसव का प्रतीक है और इसके साथ ही भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या 32 हो गई है। इन नए शावकों के साथ, भारत में चीतों की कुल संख्या अब 53 हो गई है। जो देश के दृढ़ और ऐतिहासिक संरक्षण प्रयासों का एक सशक्त प्रतीक है।
..तीसरी बार मां बनी चीता ज्वाला..
नामीबियाई चीता ज्वाला चीता को वर्ष 2022 में 8 चीतों के साथ कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाया गया था जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यहां छोड़ा गया था। ज्वाला अब तीन बार शावकों को जन्म देकर भारतीय चीतों का कुनबा बढा चुकी है। मादा चीता ज्वाला ने वर्ष 2023 में पहली बार चार शवकों को जन्म दिया था, इसके बाद जनवरी 2024 में 3 शावकों को जन्म दिया था। हालांकि इनमें से कुछ शावकों की मौत हो गई थी, लेकिन अब तीसरी बार ज्वाला ने 9 मार्च 2026 को पांच शावक जन्में हैं। कूनो प्रबंधन के अनुसार सभी शावक स्वस्थ है, जिनकी चिकित्सकों द्वारा लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
..कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और खुशखबरी: मुख्यमंत्री..
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव में मादा चीता ज्वाला द्वारा शावकों के जन्म की खबर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा है कि मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है, जो चीता परियोजना के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके साथ ही, भारत में चीतों की कुल संख्या पचास का आंकड़ा पार कर 53 हो गई है। यह वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है और भारत में चीता पुनर्वास प्रयासों की सफलता का एक सशक्त प्रमाण है।
..केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बधाई दी..
इस मौके पर नई दिल्ली में केंद्रीय वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत के महत्वाकांक्षी चीता परियोजना के लिए एक अहम मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि इन पांच शावकों के साथ भारत में चीता की संख्या पचास के पार हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ और संरक्षण टीम के लगातार प्रयासों और समर्पण है जो जमीन पर दिन-रात काम कर रहे हैं।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। उम्मीद है कि ज्वाला और उसके शावक स्वस्थ रहेंगे और भारत में चीता संरक्षण की कहानी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
..चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 53..
हाल ही में बोत्सवाना से 9 चीतों को लाया गया है और इसके बाद आज मादा चीता ज्वाला द्वारा पांच शावक जने जाने के बाद अब देश में कुल चीतों की कुल संख्या 53 हो गई है, इनमें 50 कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में है। सबसे पहले 17 सितंबर 2022 को लाए गए 8 नामीबियाई चीतों में से 3 स्थापित हैं तथा उनके 22 भारतीय जन्में शावकों सहित कुल नामीबियाई मूल की स्थापित आबादी 25 हो गई है। 18 फरवरी 2023 को लाए गए 12 दक्षिण अफ्रीकी चीतों में से 8 स्थापित हैं तथा उनके 11 भारतीय जन्मे शावकों सहित कुल दक्षिण अफ्रीकी मूल की स्थापित आबादी 19 हो गई है। इनमें से 16 कूनो में एवं 3 गांधी सागर में हैं।
भारत में चीतों पर एक नजर....
50 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में
03 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में
25 चीते नामीबियाई मूल के हैं। इनमें 22 का जन्म भारत में हुआ।
18 चीते दक्षिण अफ्रीकी मूल के हैं। इनमें 10 का जन्म भारत में हुआ।
44 चीते अब तक भारत में जन्मे
32 चीते वर्तमान में जीवित हैं
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हिन्दुस्थान समाचार/प्रशांत वैष्णव/ विजया लक्ष्मी
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत वैष्णव