अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का विधेयक लोकसभा से पारित

01 Apr 2026 20:05:53
संसद


नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)।

अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने संबंधी ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 विधेयक बुधवार को लोकसभा से पारित हो गया। भारतीय जनता पार्टी के साथ तेलुगु देशम पार्टी और कांग्रेस ने भी इस विधेयक का समर्थन किया। वहीं, आंध्रप्रदेश में विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक का विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

कांग्रेस सदस्य मनिकम टेगौर ने लोकसभा में ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026’ पर बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि हम इस विधेयक का पूर्ण समर्थन करते हैं, लेकिन साथ ही यह मांग करते हैं कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान किया जाए। विशेष राज्य का दर्जा आंध्र प्रदेश के विकास और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

वाईएसआरसीपी के सदस्य पीवी मिधुन रेड्डी ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अमरावती को राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 34,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी और प्रभावित लोगों को मुफ्त विकसित भूखंड, आवास योजना और उनके बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा देने का वादा किया गया था। लेकिन अब तक उन्हें कुछ भी नहीं दिया गया।

रेड्डी ने आरोप लगाया कि राज्य की तत्कालीन टीडीपी सरकार को इस बात की परवाह नहीं थी कि इतनी बड़ी राजधानी के विकास के लिए धन कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कोलकाता से भी बड़ी राजधानी विकसित करना चाहते हैं, लेकिन यह नहीं पता कि पैसे कहां से आएंगे।

वाईएसआरसीपी सदस्य ने अपने दल की 2019-2024 की सरकार द्वारा तीन राजधानियों के विकास की योजना का समर्थन करते हुए कहा कि यह कोई नया कदम नहीं है, क्योंकि दुनिया भर में कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं।

इस विधेयक के पास होने पर आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश गुरुवार को दिल्ली में राज्यसभा की कार्यवाही के गवाह बनेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य की जनता की ओर से आभार व्यक्त करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य अमरावती के विकास और राज्य के पुनर्गठन से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाना है। टीडीपी और सत्ता पक्ष ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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