पश्चिम एशिया युद्ध का असर, हवाई ईंधन महंगा होने से घरेलू उड़ान किराया दोगुना

01 Apr 2026 17:59:53
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर घरेलू विमान


काठमांडू, 01 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में एक महीने से चल रहे युद्ध का प्रभाव अब आंतरिक हवाई उड़ानों पर भी पड़ने लगा है। हवाई ईंधन की कीमत में 98 प्रतिशत की वृद्धि होने के बाद घरेलू उड़ानों के किराए भी लगभग दोगुने हो गए हैं। नया हवाई किराया बुधवार सुबह 1 बजे से ही लागू हो चुका है।

वायुसेवा संचालक संघ के सदस्य एवं बुद्ध एयर के निदेशक रुपेश जोशी के अनुसार ईंधन की कीमत बढ़ने के कारण हवाई किराए के अंतर्गत फ्यूल सरचार्ज में वृद्धि हुई है, जिससे सबसे अधिक किराया काठमांडू–धनगढी रूट पर पहुंच गया है। काठमांडू–धनगढी रूट पर फ्यूल सरचार्ज एक ही बार में 5,480 रुपये बढ़ा है। मंगलवार तक इस रूट पर ईंधन शुल्क 5,610 रुपये था, जो अब बढ़कर 11,090 रुपये हो गया है। इसके अलावा एयरफेयर और एयरपोर्ट सेवा शुल्क अलग से देना होगा।

इसी तरह काठमांडू से होने वाली पर्वतीय (माउंटेन) उड़ानों में 4,255 रुपये की वृद्धि के साथ 8,615 रुपये, काठमांडू–सुर्खेत में 4,285 रुपये बढ़कर 8,657 रुपये, काठमांडू–नेपालगंज में 4,045 रुपये बढ़कर 8,185 रुपये, काठमांडू–भद्रपुर में 3,725 रुपये बढ़कर 7,540 रुपये हो गया है। काठमांडू–पोखरा रूट पर 1,970 रुपये बढ़कर 3,985 रुपये, काठमांडू–जनकपुर में 1,600 रुपये बढ़कर 3,230 रुपये, काठमांडू–भरतपुर में 1,330 रुपये बढ़कर 2,690 रुपये, काठमांडू–विराटनगर में 2,980 रुपये बढ़कर 6,020 रुपये, काठमांडू–भैरहवा में 2,555 रुपये बढ़कर 5,170 रुपये और काठमांडू–सिमरा में 1,120 रुपये बढ़कर 2,260 रुपये फ्यूल सरचार्ज हो गया है। इन सभी किरायों में एयरफेयर और एयरपोर्ट सेवा शुल्क अलग से जोड़े जाएंगे। किसी भी घरेलू हवाई टिकट में एयरलाइंस तीन शीर्षकों—एयरफेयर, फ्यूल सरचार्ज और सेवा शुल्क—को जोड़कर कुल किराया तय करती हैं।

वायु सेवा संचालक संघ के कोषाध्यक्ष जोशी ने कहा कि पहले ईंधन की कीमत में सामान्य वृद्धि होने पर दो दिन इंतजार किया जाता था, लेकिन इस बार कल रात से ही बढ़ा हुआ फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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