
काठमांडू, 10 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र ने शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कहा कि संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र के स्तंभ अब संस्थागत हो चुके हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अब प्रयासों का केंद्र जनकल्याण होना चाहिए और संसद से आग्रह किया कि वह जनता के व्यापक हित में कानून बनाए।
संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पौडेल ने सुशासन, भ्रष्टाचार नियंत्रण, रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता जवाबदेह और पारदर्शी शासन, प्रभावी सेवा प्रवाह, भ्रष्टाचार का अंत, सामाजिक न्याय और तीव्र आर्थिक विकास की अपेक्षा रखती है।
राष्ट्रपति पौडेल ने शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में योगदान देने वाले सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, सरकारी कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और मतदाताओं का धन्यवाद दिया। उन्होंने नई सरकार से भी जनअपेक्षाओं के अनुरूप काम करने का आग्रह किया। साथ ही, चुनाव अवधि के दौरान सुशासन और सेवा प्रवाह में सुधार सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम सरकार की भूमिका की सराहना की।
प्रतिनिधि सभा में युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इससे नई आशाएं और अपेक्षाएं जगी हैं। उन्होंने देश के भीतर युवाओं के लिए रोजगार सृजन को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नए अवसरों की तलाश करनी होगी। शिक्षा को भी बाजार की मांग के अनुरूप बनाना जरूरी है। उन्होंने श्रम के सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं में बढ़ती निराशा को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि नागरिकों को सरकार की उपस्थिति का प्रभावी अनुभव होना चाहिए। उन्होंने देरी और अनियमितताओं को समाप्त कर कुशल प्रशासन की आवश्यकता बताई। राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि नेपाल को बदलते वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रीय हित को केंद्र में रखकर संतुलित कूटनीति अपनानी चाहिए। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहल की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक गणतंत्र को मजबूत करने, राष्ट्रीय एकता और आर्थिक समृद्धि के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। अतीत की चुनौतियों से सीख लेने की जरूरत बताते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि संसद जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। अंत में राष्ट्रपति ने सभी नेपाली नागरिकों से सुशासन, विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास