मप्र के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ा चीतों का कुनबा, मादा चीता गामिनी ने दिया चार शावकों को जन्म

11 Apr 2026 18:10:53
मादा चीता गामिनी का मुख्यमंत्री द्वारा पोस्ट किया गया चित्र


- भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 57 हुई

श्योपुर, 11 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक बार फिर चीतों का कुनबा बढ़ गया है। यहां भारतीय मूल की मादा चीता ‘गामिनी’ ने चार शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। साथ ही उन्होंने मादा चीता गामिनी का शावकों के साथ फोटो भी शेयर किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि मध्य प्रदेश अब चीतों के 'पुनरुद्धार' के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। कूनो के खुले जंगलों में 'गामिनी' चीते से जन्मी 25 महीने की भारतीय मूल की मादा चीते द्वारा चार शावकों का जन्म इस बात का प्रमाण है कि मध्य प्रदेश की भूमि चीतों के वंश विस्तार के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सफल हो रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए कूनो के प्रबंधकों और वन्यजीव पशु चिकित्सकों को बधाई दी है।

वहीं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर के माध्यम से इस सफलता से खुशी जाहिर की है और वन विभाग की टीम और इस परियोजना से जुड़े सभी कर्मचारियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में चल रही चीता संरक्षण परियोजना को यह एक बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने लिखा है कि 2022 में चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम शुरू होने के बाद यह पहली बार है, जब किसी चीता ने प्राकृतिक जंगल वातावरण में शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि यह किसी भारतीय मूल की मादा चीता की पहली सफल प्रसूति मानी जा रही है।

इधर, वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता गामिनी पिछले एक साल से अधिक समय से खुले जंगल में रह रही थी और वह प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप पूरी तरह ढल चुकी थी। जंगल में शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि कूनो का पर्यावरण अब चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है और वे यहां सुरक्षित रूप से प्रजनन कर पा रहे हैं।

मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि मादा चीता गामिनी ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह सफलता परियोजना के मुख्य उद्देश्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस परियोजना का उद्देश्य चीतों को प्राकृतिक वातावरण में स्थापित करना और उनके प्रजनन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि मां बनी चीता गामिनी स्वयं भी एक शावक रही है, जो अब स्वस्थ रूप से प्रजनन कर रही है। यह परियोजना की दीर्घकालिक सफलता का संकेत है।

कूनो के अधिकारियों ने बताया कि मादा चीता गामिनी और उसके सभी नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। इन चार नए नन्हे मेहमानों के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है। इनमें से 54 चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में है, जबकि तीन चीतों को मंदसौर जिले के गांधी सागर अभयारण्य के खुले जंगलों में छोड़ा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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