

लखनऊ, 11 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महापौर सुषमा खर्कवाल व महानगर भाजपा अध्यक्ष आनंद द्विवेदी समेत पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद रक्षामंत्री गोमती नगर (लखनऊ) जनकल्याण महासमिति के वार्षिकोत्सव में शामिल हुए।
कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी चुनौती से निपटने में भारत सक्षम है। भाजपा सरकार के रहते कोई भी संकट देश में आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त भंडार है इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बाद उत्पन्न हालात से कोई देश अछूता नहीं है लेकिन भारत ने उन चुनौतियों पर विजय पाने में कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
राजनाथ ने कहा कि मुझे यह देखकर भी बड़ी खुशी होती है कि हमारा लखनऊ रक्षा क्षेत्र में भी बढ़-चढ़ कर योगदान दे रहा है। यह लखनऊ के लिए गर्व की बात है कि इसे आगरा और कानपुर के साथ डिफेंस नोड घोषित किया गया। अब लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का विनिर्माण भी शुरू हो चुका है। गर्व की बात यह है कि इसकी पहली खेप हमारी सेना को सौंप भी दी गई है। इसके साथ ही रक्षा उपकरणों से जुड़े कई और छोटे-बड़े कारखाने भी यहां स्थापित हो रहे हैं। लखनऊ का विकास, बेहद सुनियोजित योजना के तहत चल रहा है। यह विकास की गंगा है जिसकी धारा में, गरीब का, व्यापारी का, बुजुर्ग का और नौजवान का, सबका कल्याण समाया है। हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि लखनऊ वासियों का रहन-सहन सुख-सुविधाओं से सम्पन्न और परिपूर्ण रहे।
उन्होंने बताया कि जब आउटर रिंग रोड के चारों ओर, ये 4-6 लेन की सड़कें और तीन एक्सप्रेसवे जुड़ जाएंगे, तो लखनऊ 400-500 किलोमीटर के दायरे के लिए सबसे बड़ा सप्लाई सेंटर बन जाएगा। मतलब यह कि गांव से लेकर शहर तक, हर जरूरत का सामान लखनऊ से आसानी से और जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 927 का निर्माण होने वाला है। जो आउटर रिंग रोड के पास से बाराबंकी से शुरू होकर बहराइच तक जाएगा। यह 101 किलोमीटर लंबा फोरलेन का मार्ग होगा और इसके साथ ही फोरलेन की सर्विस रोड भी बनेगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 7,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभी बाराबंकी से बहराइच जाने में जो ढाई घंटे लगते हैं, वह समय घटकर मात्र सवा घंटे का रह जाएगा। इस सड़क के आसपास, स्टेट कैपिटल रीजन यानी राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास का एक नया कॉरिडोर भी बनेगा।
------------------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन