
इस्लामाबाद, 12 अप्रैल (हि.स.)। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित शांति वार्ता में भाग लेने के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल अपने देश लौट गया। इस मौके पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल को औपचारिक विदाई दी।
विदाई समारोह में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर, नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक और आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा को अहम बताया गया।
ईरानी असिस्ट में संसद (मजलिस) के संस्थापक मोहम्मद बघेर ग़ालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने प्रतिनिधिमंडल के प्रस्थान का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों के बीच गर्मजोशी भरे संबंध दिखाई दिए।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ हालिया बातचीत से तुरंत किसी समझौते की उम्मीद नहीं थी। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि किसी भी जटिल मुद्दे का समाधान एक ही बैठक में संभव नहीं होता और बातचीत का सिलसिला आगे भी जारी रहना चाहिए।
वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वार्ता में समझौता न होना नकारात्मक संकेत है, जो ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करने को लेकर ठोस प्रतिबद्धता दिखाए।
इस्लामाबाद में हुई यह बैठक क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन फिलहाल किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और दौर की बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय