
बलरामपुर, 12 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ की बलरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सामरीपाठ थाना क्षेत्र के बहुचर्चित मामले में 13 वर्षों से फरार चल रहे नक्सली संगठन के सक्रिय सदस्य और स्थायी वारंटी को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
बलरामपुर पुलिस के रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिले के थाना सामरीपाठ पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित मुन्ना कोरवा (33 वर्ष), निवासी टेढ़ी, थाना भंडरिया, जिला लातेहार (झारखंड) है, जो नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2012 में हुए एक गंभीर आपराधिक मामले में आरोपित के खिलाफ थाना सामरीपाठ में अपराध क्रमांक 02/2012 के तहत धारा 147, 148, 149, 342, 395, 307, 232, 120(बी) भादवि एवं आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अपहरण और हत्या की कोशिश का मामला
पुलिस के अनुसार, घटना 9-10 फरवरी 2012 की है, जब नक्सलियों ने एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर मारपीट की। इस दौरान नक्सली संगठन के सदस्य इकबाल यादव के कहने पर आरोपित ने पीड़ित की हत्या की नीयत से गोली चलाई, हालांकि पीड़ित किसी तरह मौके से भागने में सफल रहा।
इस मामले में पुलिस ने आरोपित को पूर्व में जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया था, लेकिन आरोपित रिहाई के बाद लगातार फरार चल रहा था। न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया था।
13 साल बाद झारखंड से गिरफ्तारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपित झारखंड के भंडरिया क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। इस पर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम गठित कर झारखंड रवाना किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर बीते शनिवार को बलरामपुर लाया और विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए न्यायालय में पेश किया।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम के अन्य सदस्यों के सहयोग से लंबे समय से फरार आरोपित को पकड़ने में सफलता मिली।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय